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'एक-दो महीने में भारत टेबल पर होगा और माफी मांगेगा', ट्रेड डील को लेकर अमेरिकी कॉमर्स सेक्रेटरी का बयान

अमेरिका के कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड लुटनिक ने दावा किया है कि भारत जल्द ही राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ व्यापार समझौते को लेकर वार्ता करेगा. उन्होंने कहा कि भारत BRICS में रूस और चीन के बीच 'कड़ी' की तरह है और आने वाले एक-दो महीनों में बातचीत की मेज पर लौटेगा.

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Kuldeep Sharma

भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते व्यापार तनाव के बीच अमेरिकी कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड लुटनिक का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने भविष्यवाणी की है कि भारत जल्द ही अमेरिका के साथ समझौते की दिशा में आगे बढ़ेगा और इसके लिए ट्रंप के सामने बातचीत करेगा. उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत, रूस और चीन को लेकर तीखी टिप्पणी की थी.

हॉवर्ड लुटनिक ने ब्लूमबर्ग को दिए इंटरव्यू में कहा कि आने वाले एक-दो महीनों में भारत अमेरिका से व्यापार वार्ता करेगा. उन्होंने दावा किया कि भारत बातचीत की मेज पर लौटेगा और ट्रंप के साथ समझौते की कोशिश करेगा. उनके अनुसार, यह ट्रंप पर निर्भर करेगा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ किस तरह डील करना चाहते हैं.

BRICS में भारत की भूमिका

लुटनिक ने भारत की स्थिति को समझाते हुए कहा कि BRICS देशों में भारत रूस और चीन के बीच 'vowel' यानी सेतु का काम करता है. उनके मुताबिक, भारत की यह भूमिका उसे अलग बनाती है और यही वजह है कि वह वैश्विक समीकरणों में महत्वपूर्ण है. इस बयान से साफ है कि अमेरिका भारत को रणनीतिक रूप से अब भी अहम मानता है.

ट्रंप की टिप्पणी और विवाद

यह बयान तब आया जब कुछ ही घंटे पहले ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर भारत को लेकर बयान दिया था. ट्रंप ने लिखा 'लगता है कि हमने भारत और रूस को सबसे गहरे, अंधेरे चीन को खो दिया है. उन्हें लंबा और समृद्ध भविष्य मिले.' इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी, व्लादिमीर पुतिन और शी जिनपिंग की पुरानी तस्वीर भी साझा की. ट्रंप की यह टिप्पणी भारत की विदेश नीति पर सवाल उठाने की तरह देखी जा रही है.

आगे की राह और कूटनीतिक समीकरण

भारत सरकार ने हमेशा यह स्पष्ट किया है कि उसकी विदेश नीति किसी तीसरे देश की नजर से नहीं देखी जानी चाहिए. विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता तेज होगी, लेकिन यह भी तय है कि भारत अपने रिश्तों को रूस और चीन से अलग नहीं करेगा. लुटनिक के बयान ने साफ किया है कि अमेरिका अब भी चाहता है कि भारत उसके साथ मजबूत आर्थिक संबंध बनाए रखे.