हिदू रिक्शावाले ने कलाई पर बांधा था लाल रंग का कलावा, देखकर भड़के बांग्लादेशी कट्टरपंथी; वीडियो में देखें कैसे बुरी तरह पीटा
बांग्लादेश के झेनैदाह जिले में एक हिंदू रिक्शा चालक पर धार्मिक पहचान को लेकर फैली अफवाहों के बाद भीड़ ने हमला किया. घटना के वीडियो वायरल होने से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए.
नई दिल्ली: हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की बेरहमी से पिटाई कर हत्या के बाद बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर आशंकाएं और गहरा गई हैं. इसी कड़ी में खुल्ना डिवीजन के झेनैदाह जिले से एक और परेशान करने वाली घटना सामने आई है, जहां एक हिंदू रिक्शा चालक पर भीड़ ने हमला कर दिया. यह घटना धार्मिक पहचान को लेकर फैलाई गई अफवाहों के बाद हुई, जिसने इलाके में तनाव का माहौल पैदा कर दिया.
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार यह घटना शुक्रवार को झेनैदाह जिला नगर पालिका के गेट के पास हुई. पीड़ित की पहचान गोबिंदा बिस्वास के रूप में हुई है, जो पेशे से रिक्शा चालक है. चश्मदीदों का कहना है कि कुछ लोगों ने उसकी कलाई पर बंधा लाल पवित्र धागा देखा और इसी आधार पर उस पर शक जताया गया. देखते ही देखते अफवाह फैलाई गई कि बिस्वास भारत की खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग से जुड़ा है.
अफवाहों के बाद भड़की भीड़
RAW से कथित संबंध की अफवाह फैलते ही वहां मौजूद लोगों की भीड़ उग्र हो गई. आरोप है कि भीड़ ने गोबिंदा बिस्वास को घेर लिया और बेरहमी से पीटना शुरू कर दिया. हमले में उसके गले और सीने में गंभीर चोटें आईं. मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन भीड़ का गुस्सा इतना ज्यादा था कि हालात काबू से बाहर हो गए.
वायरल वीडियो में दिखी पुलिस की असहाय स्थिति
घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. एक वीडियो में बिस्वास को पुलिस अधिकारियों के सामने गिड़गिड़ाते हुए सुना जा सकता है, जहां वह बार-बार कहता है कि वह एक साधारण रिक्शा चालक है और उसे छोड़ दिया जाए. इसके बावजूद उसे झेनैदाह सदर पुलिस स्टेशन ले जाया गया.
एक अन्य वीडियो में एक व्यक्ति पुलिस हिरासत से बिस्वास को जबरन खींचने की कोशिश करता दिखाई देता है, जो घटना के दौरान कानून-व्यवस्था की कमजोर स्थिति को उजागर करता है.
मोबाइल फोन को लेकर लगाए गए आरोप
एक और वीडियो, जो कथित तौर पर पुलिस स्टेशन के अंदर रिकॉर्ड किया गया, उसमें एक अज्ञात आवाज यह दावा करती सुनाई देती है कि बिस्वास के मोबाइल फोन में भारतीय रिजर्व बैंक से जुड़े व्हाट्सएप लेनदेन मौजूद थे और उसे भारत से एक कॉल भी आया था. इस पर बिस्वास ने पुलिस को बताया कि कॉल करने वाला व्यक्ति आकाश नाम का है, जिसे वह व्यक्तिगत रूप से जानता है.
अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों, विशेषकर हिंदू समुदाय की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. हाल के दिनों में हिंदुओं को निशाना बनाकर की गई घटनाओं के बाद यह मामला चिंता को और बढ़ाता है. मानवाधिकार संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
और पढ़ें
- भारत के लिए खेला पाकिस्तान का नेशनल खिलाड़ी...तिरंगा भी लहराया, पाक में इंटरनेशनल बेइज्जती के बाद हड़कंप
- 'पाकिस्तान में 'आसिम कानून' के तहत चल रहा शासन...', इमरान खान ने 17 साल की सजा सुनाए जाने के बाद विद्रोह का किया ऐलान
- 'चोरी ऊपर से सीना जोरी', बांग्लादेश दीपू दास की लिंचिंग पर एक्शन लेने की जगह दे रहा ये धमकी!