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बांग्लादेश में डर का माहौल, भीड़ से बचने को पानी में कूदे हिंदू युवक की मौके पर हुई मौत; जानें क्या था मामला

बांग्लादेश के नौगांव में चोरी के आरोप में पीछा किए जाने पर हिंदू युवक मिथुन सरकार की पानी में कूदने से मौत हो गई. हाल के हफ्तों में हिंदुओं पर हमलों की कई घटनाएं सामने आई हैं.

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Km Jaya

नई दिल्ली: बांग्लादेश में नौगांव जिले में चोरी के आरोप में भीड़ द्वारा पीछा किए जाने पर एक हिंदू युवक ने जान बचाने के लिए पानी में छलांग लगा दी, जिसके बाद उसकी मौत हो गई. उस मृतक की पहचान मिथुन सरकार के रूप में हुई है. नौगांव पुलिस अधीक्षक मोहम्मद तारिकुल इस्लाम ने बताया कि मिथुन पर चोरी का आरोप लगाया गया था. 

इसी आरोप के चलते कुछ लोगों ने उसका पीछा किया. भीड़ से बचने के लिए मिथुन पास के पानी में कूद गया. जिसके बाद उसकी मौत हो गई. पुलिस को सूचना मिलने पर फायर सर्विस की मदद से शव को बाहर निकाला गया. पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर मामले की जांच शुरू कर दी है.

बांग्लादेश में कैसी है स्थिति?

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब बांग्लादेश पहले से ही अशांति के दौर से गुजर रहा है. दिसंबर में छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद से हालात और बिगड़े हैं. इसके बाद से हिंदू समुदाय पर हमलों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं.

18 दिसंबर को हादी की मौत की खबर सामने आने के बाद पहली बड़ी घटना दर्ज की गई थी. दीपू चंद्र दास नाम के एक हिंदू व्यक्ति को भीड़ ने कथित ईशनिंदा के आरोप में पीट पीटकर मार डाला था. बाद में यह आरोप झूठा साबित हुआ. भीड़ ने दीपू के शव को पेड़ से बांधकर आग भी लगा दी थी.

हिंदू किराना दुकानदार का क्या है मामला?

हाल ही में नरसिंगडी शहर में 40 साल के हिंदू किराना दुकानदार मोनी चक्रवर्ती की हत्या कर दी गई. स्थानीय मीडिया के अनुसार अज्ञात हमलावरों ने तेज हथियार से हमला कर उनकी जान ले ली. मोनी चक्रवर्ती लंबे समय से चारसिंधुर बाजार में दुकान चला रहे थे. वह हाल के हफ्तों में मारे गए तीसरे हिंदू व्यापारी थे.

इसी तरह जेसोर जिले में हिंदू व्यवसायी और एक अखबार के कार्यकारी संपादक राणा प्रताप बैरागी की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई. वह कपालिया बाजार में मौजूद थे, तभी अज्ञात लोगों ने उनके सिर में गोली मार दी. उनकी उम्र 38 साल बताई गई थी.

3 जनवरी की क्या है घटना?

3 जनवरी को खोकोन चंद्र दास नाम के व्यक्ति पर हमला कर उसे जला दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई. वहीं 24 दिसंबर को राजबाड़ी जिले में अमृत मंडल को कथित उगाही के आरोप में भीड़ ने पीट पीटकर मार डाला था. इन घटनाओं ने बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.