बीजिंग में पर्दे के पीछे अचानक क्यों मची खलबली? पत्रकारों को रोका; अमेरिकी एजेंट के साथ भी धक्का-मुक्की

बीजिंग में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच उच्च स्तरीय वार्ता दो दिवसीय शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों देशों के पत्रकारों, सुरक्षा कर्मियों और अधिकारियों के बीच झड़प हुई.

ANI
Meenu Singh

नई दिल्ली: बीजिंग में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच उच्च स्तरीय वार्ता दो दिवसीय शिखर सम्मेलन के दौरान कुछ ऐसा हुआ जिसने सबको हैरानी में डाल दिया. दरअसल इस दौरान दोनों देशों के पत्रकारों, सुरक्षा कर्मियों और अधिकारियों के बीच झड़प हुई जिससे यह सम्मेलन भी प्रभावित हुआ. 

ये घटनाएं गुरुवार को उस समय घटीं जब चीनी अधिकारियों ने ट्रंप और शी द्वारा भाग लिए जाने वाले आधिकारिक कार्यक्रमों के आसपास कड़ी निगरानी लागू कर दी, जिससे अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल और प्रेस के सदस्यों में निराशा फैल गई.

मीडियाकर्मी और व्हाइट हाउस कर्मचारी के बीच झड़प

गौरतलब है कि इस उच्च स्तरीय वार्ता दो दिवसीय शिखर सम्मेलन के दौरान चीनी मीडियाकर्मियों के समूह ने व्हाइट हाउस के एक कर्मचारी को धक्का देकर गिरा दिया. इसके बाद विवाद शुरु हो गया. 

बताया जा रहा है कि, पहला बड़ा टकराव ट्रंप और शी के बीच द्विपक्षीय बैठक के दौरान हुआ, जब चीनी पत्रकारों की भीड़ कथित तौर पर बैठक स्थल में घुस गई और व्हाइट हाउस के एक अग्रिम कर्मचारी को धक्का देकर गिरा दिया.

अमेरिकी अधिकारियों ने जताया कड़ा विरोध 

इस घटना के बाद स्थिति सामान्य नहीं रही. जिस सहायक को धक्का मारा गया उसे चोटें आईं हैं और वह उस समय कुछ सहम सा गया था. हालांकि उसे गंभीर चोटें नहीं लगीं. इस घटना के बाद अमेरिकी अधिकारियों ने कड़ा विरोध जताया और चीनी मीडिया दल पर आक्रामक व्यवहार करने का आरोप भी लगाया.

स्वर्ग मंदिर में प्रवेश वंचित

तनाव अभी यहीं समाप्त नहीं हुआ, इसके बाद बीजिंग के टेंपल ऑफ हेवन में तनाव तब और बढ़ गया जब चीनी अधिकारियों ने एक अमेरिकी सीक्रेट सर्विस एजेंट को एक सुरक्षित क्षेत्र में प्रवेश करने से मना कर दिया क्योंकि वह एक आग्नेयास्त्र ले जा रहा था, जो राष्ट्रपति की सुरक्षा टीमों के लिए मानक प्रोटोकॉल है. गुप्त सेवा एजेंट को स्वर्ग मंदिर में प्रवेश से वंचित किया गया.

इस असहमति के कारण लंबे समय तक गतिरोध बना रहा, जिसमें अमेरिकी अधिकारियों ने एजेंट के बिना आगे बढ़ने से इनकार कर दिया, जबकि चीनी अधिकारियों ने हथियार को सौंपने पर जोर दिया. लगभग 30 मिनट की बहस के बाद पहले से ही मंजूरी मिल चुके एक अन्य सीक्रेट सर्विस अधिकारी ने पत्रकारों को कार्यक्रम स्थल के अंदर लिया, जबकि पहला एजेंट बाहर ही रहा.

कड़े प्रबंधन से अमेरिकी प्रेस परेशान

इस पूरे शिखर सम्मेलन को कवर कर रहे अमेरिकी पत्रकारों को इस दौरान कई परेशानियों का सामना करना पड़ा. वह कड़े प्रबंधन और पाबंदियों से परेशान हो गए थे. बता दें अमेरिकी पत्रकारों को एक अलग कमरे में ले जाया गया और उन्हें अस्थायी रूप से राष्ट्रपति के काफिले में दोबारा शामिल होने से रोक दिया गया. 

इस स्थिति के कारण अमेरिकी और चीनी अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई, जिसमें अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने तर्क दिया कि वे अमेरिकी यात्रा के दौरान चीनी अधिकारियों के साथ कभी भी ऐसा व्यवहार नहीं करेंगे.