'धार का भोजशाला मंदिर है...', मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने हिंदू पक्ष में सुनाया बड़ा फैसला
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने भोजशाला परिसर को मंदिर घोषित किया और नमाज की अनुमति देने वाला एएसआई सर्कुलर रद्द कर दिया. चलिए जानते हैं मुस्लिम पक्ष क्या निर्देश दिया गया है.
भोपाल: दो-जजों की बेंच ने यह भी कहा कि मुस्लिम पक्ष भी कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकता है और धार जिले में मस्जिद के लिए अलग जमीन की मांग कर सकता है. राज्य सरकार को निर्देश दिया गया है कि वह मुस्लिम पक्ष को कोई दूसरी जमीन मुहैया कराए. ASI जिसे एक विस्तृत सर्वे करने के लिए कहा गया था, उसने 15 जुलाई 2024 को हाई कोर्ट के सामने अपनी रिपोर्ट पेश की.
दोनों पक्षों के अनुसार रिपोर्ट में 'सर्वे के संक्षिप्त निष्कर्ष' शीर्षक वाले अध्याय में पुरातात्विक अवशेषों की वैज्ञानिक जांच का हवाला देते हुए कहा गया है कि मिले हुए वास्तुशिल्प अवशेष, साहित्यिक लेखों वाली शिलालेखों की बड़ी पट्टियां, मूर्तियों के टुकड़े, खंभों पर नागकर्णिका शिलालेख आदि यह संकेत देते हैं कि इस जगह पर साहित्यिक और शैक्षिक गतिविधियों से जुड़ा एक विशाल ढांचा मौजूद था.
रिपोर्ट में क्या आया सामने?
रिपोर्ट में कहा गया है कि वैज्ञानिक जांचों और जांच के दौरान मिले पुरातात्विक अवशेषों के आधार पर इस पहले से मौजूद ढांचे को परमार काल का माना जा सकता है,
हिंदुओं के लिए भोजशाला परिसर देवी वाग्देवी को समर्पित एक मंदिर है, जबकि मुसलमानों के लिए यह कमाल मौला मस्जिद की जगह है. एक समझौते के अनुसार हिंदू मंगलवार को सूर्योदय से सूर्यास्त तक परिसर में पूजा करते हैं, जबकि मुसलमान शुक्रवार को दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक नमाज पढ़ते हैं.
किस आधार पर हुआ फैसला?
दोनों पक्षों के अनुसार विस्तृत रिपोर्ट में आगे कहा गया है. वैज्ञानिक जांचों, सर्वे और पुरातात्विक खुदाई के आधार पर मिली हुई चीजों के अध्ययन और विश्लेषण, वास्तुशिल्प अवशेषों, मूर्तियों और शिलालेखों, कला और मूर्तियों के अध्ययन के आधार पर यह कहा जा सकता है कि मौजूदा ढांचा पहले के मंदिरों के हिस्सों से बनाया गया था.
याचिकाकर्ता संगठन 'हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस' के वकील, एडवोकेट विनय जोशी ने पत्रकारों को बताया कि ASI ने विवादित परिसर का 98 दिनों तक वैज्ञानिक सर्वे करने के बाद 10 खंडों में 2,000 से ज्यादा पन्नों की एक रिपोर्ट तैयार की है. हाई कोर्ट के आदेश पर 98 दिनों तक चले सर्वे के दौरान 39 टूटी हुई मूर्तियों समेत कुल 1,710 अवशेष मिले.
उन्होंने आगे क्या बताया?
उन्होंने बताया कि रिपोर्ट में उस जगह पर मिले सिक्कों, सनातन धर्म से जुड़े प्रतीकों और देवी-देवताओं की मूर्तियों का विस्तृत विवरण दिया गया है. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि इस परिसर का स्वरूप क्या होगा, यह अदालत के अंतिम फैसले से ही तय होगा.