अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम एक बार फिर जेफ्री एप्स्टीन सेक्स अब्यूज़ केस में चर्चा में है. अमेरिकी हाउस डेमोक्रेट्स ने मंगलवार को एप्स्टीन से जुड़े हजारों दस्तावेजों में से कुछ ईमेल्स सार्वजनिक किए हैं, जिनमें ट्रंप का जिक्र किया गया है.
इन ईमेल्स ने वॉशिंगटन में राजनीतिक भूचाल मचा दिया है. डेमोक्रेट सांसदों का कहना है कि इन दस्तावेजों से एप्स्टीन और ट्रंप के रिश्तों को लेकर कई “गंभीर सवाल” उठ खड़े हुए हैं.
हाउस ओवरसाइट कमेटी द्वारा एक्स पर शेयर किए गए ईमेल्स में एप्स्टीन, उनकी सहयोगी गिसलीन मैक्सवेल और लेखक माइकल वोल्फ के बीच बातचीत है. अप्रैल 2011 के एक ईमेल में एप्स्टीन ने लिखा, “वो डॉग जो नहीं भौंका वो ट्रंप है… पीड़िता मेरे घर पर उसके साथ घंटों रही.” इस मेल ने डेमोक्रेट्स को ट्रंप की भूमिका पर नए सिरे से जांच की मांग करने के लिए प्रेरित किया है.
डेमोक्रेट्स ने कहा कि इन ईमेल्स से एप्स्टीन नेटवर्क और ट्रंप के पुराने संबंधों पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं. उनका कहना है कि एप्स्टीन एस्टेट द्वारा कुल 23,000 दस्तावेज जारी किए गए हैं, जिनकी समीक्षा जारी है. हाउस डेमोक्रेट्स ने कहा कि ये दस्तावेज एप्स्टीन की राजनीतिक और सामाजिक पहुंच को उजागर करते हैं, जिसमें कई उच्च पदस्थ लोगों के नाम शामिल हैं.
हाउस ओवरसाइट कमेटी के वरिष्ठ सदस्य रॉबर्ट गार्सिया ने कहा, “जितना ट्रंप एप्स्टीन फाइल्स को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं, उतना ही सच सामने आ रहा है.” उन्होंने कहा कि इन नए ईमेल्स से यह सवाल उठता है कि व्हाइट हाउस आखिर क्या छिपा रहा है. गार्सिया ने न्याय विभाग से तुरंत एप्स्टीन से जुड़ी पूरी फाइल सार्वजनिक करने की मांग की है.
डोनाल्ड ट्रंप ने एप्स्टीन से किसी भी अवैध गतिविधि में शामिल होने से साफ इनकार किया है. 1990 और शुरुआती 2000 के दशक में दोनों के बीच सामाजिक संबंध थे, लेकिन 2004 के बाद दूरी बढ़ गई. जुलाई में न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि अटॉर्नी जनरल पैम बॉन्डी ने ट्रंप को सूचित किया था कि उनका नाम एप्स्टीन फाइल्स में शामिल है. व्हाइट हाउस ने अभी तक इस नए खुलासे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है.