भूल जाओ राजनीति… ट्रंप के साथ बीजिंग पहुंचे टॉप CEO, डिप्लोमेसी नहीं अब होगा बिजनेस!
अमेरिका और चीन के बीच मीटिंग केवल देश के मुद्दों तक ही सीमित नहीं रह गई है, बल्कि टेक इंडस्ट्री के कई दिग्गज भी चीन में ट्रंप के साथ मौजूद हैं. आइए जानते हैं ये कौन हैं और इनका एजेंडा क्या हो सकता है.
नई दिल्ली: अमेरिका और चीन के बीच अहम बातचीत जारी है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग कई मुद्दों पर बातचीत कर रहे हैं, जिससे भविष्य में इनके रिश्ते मजबूत हो सकते हैं. इससे अलग और भी कई ऐसी डील्स चल रही हैं, जिसके बारे में शायद ही आपको पता हों. बता दें कि US के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप टेस्ला के फाउंडर एलन मस्क, Apple के टिम कुक और Nvidia के CEO जेन्सेन हुआंग के साथ बीजिंग पहुंचे हैं.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस डेलिगेशन में ब्लैकरॉक, बोइंग, गोल्डमैन सैक्स, वीजा, मास्टरकार्ड, सिटी, क्वालकॉम, माइक्रोन, ब्लैकस्टोन, मेटा और कारगिल जैसी कंपनियों के एग्जीक्यूटिव शामिल हैं. ऐसे में यह माना जा रहा है कि आगे चलकर कोई न कोई बड़ी डील इन कंपनियों और चीन के बीच हो सकती है. यह कहना भी गलत नहीं होगा कि यह सरकारी दौरान एक हाई लेवल कॉर्पोरेट लॉबिंग मिशन से कम नहीं है.
कौन-कौन गया है ट्रंप के साथ चीन:
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Nvidia के CEO जेन्सेन हुआंग एआई चिप्स को लेकर ज्यादा एक्सेस चाहते हैं. हुआंग ने एआई चिप्स को 50 बिलियन डॉलर का संभावित चीनी AI मार्केट बताया है.
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ट्रंप के साथ टिम कुक भी चीन में मौजूद हैं. टिम कुक चाहते हैं कि एप्पल की चीन केंद्रित बड़ी सप्लाई चेन सुरक्षित रहे, क्योंकि कंपनी पर टैरिफ के खतरे और डीकपलिंग की चर्चाएं मंडरा रही हैं.
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टेस्ला के मालिक एलन मस्क का फोकस शंघाई में ऑपरेशन्स की स्टेबिलिटी और फुल सेल्फ-ड्राइविंग कारों के लिए रेगुलेटरी मंजूरी है.
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बोइंग की बात करें तो कंपनी चाहती है कि जो एयरक्राफ्ट ऑर्डर सालों से रुके हुए हैं, वो दोबारा शुरू किए जाएं, जिसके लिए कंपनी बातचीत कर सकते हैं. बताया जा रहा है कि इससे कंपनी को अरबों डॉलर का नुकसान हुआ है.
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ब्लैकरॉक के सीईओ लैरी फिंक, गोल्डमैन सैक के प्रमुख डेविड सोलोमन और सिटीग्रुप की जेन फ्रेजर चीनी कैपिटल मार्केट्स, बैंकिंग और एसेट मैनेजमेंट में ज्यादा पहुंच चाहते हैं.
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वीजा और मास्टरकार्ड अभी भी चीन की कड़े कंट्रोल पेमेंट सिस्टम में अपना विस्तार करने की कोशिश कर रहे हैं.
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Cargill पिछले काफी समय से कृषि और कमोडिटी डील्स करना चाहता है. वहीं, क्वालकॉम और माइक्रोन को चीनी माइक्रोचिप मार्केट में लगातार एक्सेस की जरूरत है.
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