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'संजीवनी योजना' बनाम 'आयुष्मान योजना': जानें दिल्ली की आप सरकार और मोदी सरकार की हेल्थ स्कीम में कौन है बेहतर?

केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना को टक्कर देने के लिए दिल्ली सरकार ने बुजुर्गों के लिए 'संजीवनी योजना' लागू की, जिसमें 60 साल से ज्यादा उम्र वालों को फ्री इलाज मिलेगा.

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Edited By: Mayank Tiwari
'संजीवनी योजना' बनाम 'आयुष्मान योजना': जानें दिल्ली की आप सरकार और मोदी सरकार की हेल्थ स्कीम में कौन है बेहतर?
Courtesy: Social Media

देश की राजधानी दिल्ली में आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 से पहले आम आदमी पार्टी के संयोजक और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को 'संजीवनी योजना' की शुरुआत की घोषणा की. इस योजना के तहत 60 वर्ष से ज्यादा उम्र के युवाओं के लिए दिल्ली में फ्री मेडिकल सुविधा प्रदान की जाएगी. केजरीवाल ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में कहा, "बुढ़ापे में एक बात सबको परेशान करती है. उम्र बढ़ने के साथ-साथ व्यक्ति को कई तरह की बीमारियां घेर लेती हैं.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सबसे बड़ी चिंता यही होती है कि इलाज कैसे होगा. मैं ऐसे लोगों को भी जानता हूं जो अच्छे परिवारों से आते हैं, लेकिन उनके बच्चे उनका ख्याल नहीं रखते. बुढ़ापे में मैंने अच्छे परिवारों के बुज़ुर्गों को ऐसे तड़पते देखा है, जैसे उनके बच्चों ने उन्हें छोड़ दिया हो. लेकिन आपको चिंता करने की ज़रूरत नहीं है, आपका बेटा अभी भी जिंदा है.

जानिए क्या है दिल्ली सरकार की संजीवनी योजना?

दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने आगे कहा कि "आज मैं दिल्ली के बुजुर्गों के लिए संजीवनी योजना की घोषणा करने जा रहा हूं. हमारे 60 साल से ऊपर के बुजुर्गों को मुफ्त इलाज मिलेगा. हम चुनाव के बाद इस योजना को लाएंगे और इसे पारित करेंगे. बता दें कि, इस साल सितंबर में केंद्र सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के तहत 70 साल या उससे अधिक उम्र के बुजुर्गों को भी शामिल किया था. अब इस आयु वर्ग के बुजुर्ग अपने परिवार से अलग 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज करा सकते हैं.

केजरीवाल की संजीवनी योजना आयुष्मान भारत से कैसे अलग है?

अरविंद केजरीवाल ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए संजीवनी योजना शुरू की है

इस योजना के तहत राजधानी में 60 साल से ज्यादा उम्र के नागरिकों को फ्री मेडिकल इलाज मिलेगा केजरीवाल के अनुसार, इलाज के दौरान होने वाला सारा खर्च सरकार उठाएगी. साथ ही केजरीवाल ने कहा कि आने वाले दिनों में आप के स्वयंसेवक घर-घर जाकर पंजीकरण शुरू करेंगे. संजीवनी योजना से सभी आयु वर्ग के लोगों को लाभ मिलेगा.

जानिए क्या है आयुष्मान भारत योजना?

जबकि, आयुष्मान कार्ड (पीएमजेएवाई) योजना जिसे प्रधानमंत्री द्वारा सितंबर 2018 में शुरू की गई थी. इस आयुष्मान भारत योजना का लक्ष्य 50 करोड़ लाभार्थियों को लाभ पहुंचाना है. यह गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों को 5 लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर प्रदान करता है. इस योजना के लाभार्थियों का चयन 2011 की सामाजिक-आर्थिक जाति जनगणना (एसईसीसी) के आधार पर किया गया है. इन दस करोड़ लाभार्थी परिवारों में आठ करोड़ परिवार ग्रामीण क्षेत्रों से और दो करोड़ परिवार शहरी भारत में रहते हैं.

इसमें परिवार के आकार और आयु की कोई सीमा नहीं है, क्योंकि यह स्वास्थ्य कवर सभी के लिए समावेशी है. यह योजना जरूरतमंद लोगों को हृदय रोग विशेषज्ञों और मूत्र रोग विशेषज्ञों जैसे विशेषज्ञों द्वारा दी जाने वाली द्वितीयक स्वास्थ्य देखभाल सुविधाएं प्रदान करती है. पीएमजेएवाई में पहले से मौजूद बीमारियों को कवर किया जाता है और अन्य बीमा कवरों के विपरीत, सभी सार्वजनिक अस्पतालों में उपचार को अनिवार्य बना दिया जाता है.

जेब से होने वाले खर्च में आएगी कमी

पीएमजेएवाई का लक्ष्य स्वास्थ्य सेवा के लिए भुगतान की पूरी प्रक्रिया को नकद रहित बनाना है, ताकि जेब से होने वाले खर्च का बोझ कम हो. इसके अलावा, पीएमजेएवाई के लाभार्थी पूरे भारत में इलाज करवा सकते हैं. सभी सार्वजनिक और सूचीबद्ध निजी अस्पताल सभी पीएमजेएवाई लाभार्थियों से चिकित्सा देखभाल के लिए कोई अतिरिक्त भुगतान नहीं ले सकते हैं.

समाज के कमजोर वर्गों के जीवन स्तर में आएगा सुधार

चूंकि यह योजना इतनी बड़ी आबादी को कवर करती है, इसलिए यह निजी स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं से सेवाएं खरीदेगी. इस योजना से अधिक किफायती स्वास्थ्य सेवा उपकरणों और  दवाओं के उत्पादन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. इस योजना से समाज के कमजोर वर्गों के जीवन स्तर में सुधार आएगा.