T20 World Cup 2026

'नहीं दूंगा F-35 स्टील्थ फाइटर जेट', अमेरिका ने तुर्की को दिया जोरदार झटका, अब इस देश के सामने गिड़गिड़ा रहे राष्ट्रपति एर्दोगन

इस डील में यूरोफाइटर टाइफून का ट्रैंच 4 वर्जन शामिल हो सकता है, जिसमें लेटेस्ट रडार और एवियोनिक्स सिस्टम होते हैं. तुर्की की मौजूदा वायुसेना धीरे-धीरे पुरानी हो रही है और जब तक उसका खुद का KAAN फाइटर जेट 2028 तक तैयार नहीं होता.

Pinterest
Reepu Kumari

तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन को अमेरिका से बड़ा झटका तब लगा जब वॉशिंगटन ने उन्हें F-35 स्टील्थ फाइटर जेट बेचने से इनकार कर दिया. एर्दोगन ने इस अमेरिकी विमान को हासिल करने की हरसंभव कोशिश की थी, लेकिन अमेरिका ने स्पष्ट मना कर दिया. अब तुर्की ने नजरें ब्रिटेन की ओर घुमा ली हैं, जहां से वो एक नए और उन्नत लड़ाकू विमान यूरोफाइटर टाइफून की डील को अंतिम रूप देने की तैयारी में है.

आईडीईएफ हथियार मेले में ब्रिटेन और तुर्की के बीच इस डील को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है. इस लड़ाकू विमान की डील को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से बातचीत चल रही थी, जो अब समझौते के स्तर पर पहुंच चुकी है. लेकिन बात यहीं खत्म नहीं होती. इस सौदे के पीछे की राजनीतिक पेचिदगियां, तकनीकी मांगें और कीमतों की खींचतान इसे और दिलचस्प बना रही है.

अमेरिका ने F-35 देने से किया इनकार

तुर्की लंबे समय से अमेरिका से F-35 स्टील्थ फाइटर खरीदना चाहता था. खुद राष्ट्रपति एर्दोगन ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से व्यक्तिगत बातचीत की, लेकिन नतीजा सिफर रहा. इसके पीछे मुख्य कारण तुर्की द्वारा रूस से एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदना बताया जा रहा है.

ब्रिटेन से यूरोफाइटर की ओर बढ़े कदम

मिडिल ईस्ट आई की रिपोर्ट के मुताबिक, तुर्की अब ब्रिटेन से यूरोफाइटर टाइफून खरीदने जा रहा है. ब्रिटिश रक्षा सचिव जॉन हीली ने इस्तांबुल में आईडीईएफ मेले के दौरान इस सौदे पर हस्ताक्षर की संभावना जताई है. तुर्की ने 2023 से इस विमान की खरीद पर काम शुरू कर दिया था और 2024 में जर्मनी के वीटो को पार भी कर लिया था.

कितने विमान और किस कीमत पर?

तुर्की 40 यूरोफाइटर टाइफून खरीदना चाहता है. लेकिन कीमत को लेकर दोनों पक्षों में अब भी बातचीत चल रही है. ब्रिटेन ने शुरुआती ऑफर में 12 अरब डॉलर मांगे थे, जिसे तुर्की ने महंगा बताया. साथ ही तुर्की विमान तकनीक ट्रांसफर और अपने पायलटों के लिए विशेष प्रशिक्षण की मांग भी कर रहा है.

कौन सा वेरिएंट लेगा तुर्की?

इस डील में यूरोफाइटर टाइफून का ट्रैंच 4 वर्जन शामिल हो सकता है, जिसमें लेटेस्ट रडार और एवियोनिक्स सिस्टम होते हैं. तुर्की की मौजूदा वायुसेना धीरे-धीरे पुरानी हो रही है और जब तक उसका खुद का KAAN फाइटर जेट 2028 तक तैयार नहीं होता, तब तक यह डील उसके लिए बेहद अहम साबित हो सकती है.