क्या 2.0 भारत जोड़ो यात्रा पर निकलेंगे राहुल गांधी? लोकसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस CWC में उठी मांग
कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी से पूर्व से पश्चिम तक दूसरी भारत जोड़ो यात्रा शुरू करने का अनुरोध किया है. दिल्ली मुख्यालय पर हुई कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की हुई बैठक में तमाम नेताओं ने इस विचार का समर्थन किया है.
नई दिल्ली: कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी से पूर्व से पश्चिम तक दूसरी भारत जोड़ो यात्रा शुरू करने का अनुरोध किया है. दिल्ली मुख्यालय पर हुई कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की हुई बैठक में तमाम नेताओं ने इस विचार का समर्थन किया है.
भारत जोड़ो यात्रा 2.0 जल्द होगा शुरू
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि सीडब्ल्यूसी की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने राहुल गांधी से कहा कि उन्हें पूरे भारत से पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं से बड़े पैमाने पर राय मिल रही है कि राहुल गांधी को पूर्व से पश्चिम तक दूसरी भारत जोड़ो यात्रा करनी चाहिए. उसके बाद सभी सीडब्ल्यूसी सदस्यों ने सर्वसम्मति से इस विचार का समर्थन किया. तमाम नेताओं ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी से भी यात्रा करने का अनुरोध किया. यात्रा का विवरण और यात्रा का निर्णय बिना किसी देरी के लिया जाएगा.
देश का मूड अब BJP के खिलाफ
केसी वेणुगोपाल ने बड़ी जानकारी साझा करते हउए बताया कि एक गठबंधन समिति का गठन किया गया है और समिति निर्णय लेगी. वे राज्य इकाइयों के साथ चर्चा करेंगे और भारतीय गठबंधन दलों के साथ गठबंधन करने की व्यवस्था का पता लगाएंगे. देश का मूड अब बीजेपी के खिलाफ है. हमें पूरा विश्वास है कि कांग्रेस और भारत का गठबंधन इस तानाशाही और शासन के खिलाफ लड़ने जा रहा है. राम मंदिर उद्घाटन के लिए सीसीपी अध्यक्ष सोनिया गांधी को निमंत्रण की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए केसी वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी इस निमंत्रण के लिए बहुत आभारी है. उन्होंने हमें आमंत्रित किया. हमें आमंत्रित करने के लिए हम उनके बहुत आभारी हैं.
कर्नाटक में भारत जोड़ो यात्रा का असर
भारत जोड़ो यात्रा जो पिछले साल 7 सितंबर को कन्याकुमारी में शुरू हुई थी, जिसका नेतृत्व कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने किया था. 3,970 किमी, 12 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों को कवर करने और 130 दिनों से अधिक समय तक चलने के बाद 30 जनवरी को श्रीनगर में इस यात्रा का समापन हुआ था. राहुल गांधी की यात्रा का असर कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में चुनावों के दौरान देखा गया, क्योंकि वहां स्ट्राइक रेट और वोट शेयर में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई और कांग्रेस ने बड़ी जीत हासिल की है.