IPL 2026 West Bengal Assembly Election 2026 Assembly Election 2026

आखिर क्यों यूपी-बिहार में इस बार गिर रहे हैं इतने ओले? जानें वैज्ञानिकों ने क्या बताई इसकी वजह

यूपी-बिहार में इस साल सामान्य से ज्यादा ओले गिर रहे हैं. चलिए जानते हैं वैज्ञानिकों के मुताबिक इसका प्रमुख कारण क्या है. जिससे किसानों की फसलें तबाह हो रही हैं.

Pinterest
Km Jaya

नई दिल्ली: इस साल उत्तर प्रदेश और बिहार में ओलावृष्टि की घटनाएं ज्यादा हुई हैं. 2026 के मार्च, अप्रैल और मई महीनों के दौरान कई जिलों में तेज तूफान और बारिश के साथ बड़े-बड़े ओले गिरे. किसानों की फसलें तबाह हो रही हैं और आम तथा लीची के बागों को काफी नुकसान पहुंचा है. 

कई जगहों पर इन घटनाओं के कारण लोगों की जान भी चली गई है. आम तौर पर ओलावृष्टि मॉनसून से पहले के मौसम में होती है यानी गर्मियों की शुरुआत से ठीक पहले लेकिन इस बार असामान्य रूप से ज्यादा रही है.

कैसे बनते हैं ओले?

ओले बनने की प्रक्रिया बादलों के अंदर होती है. विशेष रूप से उन ऊंचे और शक्तिशाली बादलों के अंदर जिन्हें 'क्यूम्युलोनिम्बस' बादल कहा जाता है. जब तापमान काफी बढ़ जाता है, तो जमीन का पानी भाप बनकर ऊपर उठता है. यह भाप ठंडी हवा के साथ मिलकर पानी की बूंदों में बदल जाती है.

इन बादलों की एक खासियत यह होती है कि इनके अंदर हवा के बहुत तेज ऊपर की ओर उठने वाले झोंके चलते हैं. ये झोंके पानी की बूंदों को बहुत ज्यादा ऊंचाई तक ले जाते हैं, जहां तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस से भी नीचे गिर जाता है. इतनी ऊंचाई पर, ये बूंदें जम जाती हैं और बर्फ के छोटे-छोटे कणों में बदल जाती हैं.

क्या होती है प्रक्रिया?

फिर ये बर्फ के कण नीचे गिरने लगते हैं लेकिन नीचे गिरते समय बीच रास्ते में ही हवा के तेज झोंके उन्हें वापस ऊपर की ओर धकेल देते हैं. ऊपर जाते समय वे 'सुपरकूल्ड' यानी अत्यधिक ठंडी पानी की बूंदों से टकराते हैं, जिससे उनकी सतह पर बर्फ की एक नई परत जम जाती है. 

यह प्रक्रिया बार-बार दोहराई जाती है, जिससे ओले का आकार बढ़ता जाता है और उस पर बर्फ की कई परतें जम जाती हैं. आखिरकार जब ओला इतना भारी हो जाता है कि हवा के झोंके उसे और ऊपर नहीं रोक पाते तो वह जमीन पर गिर जाता है.

छोटे ओले अक्सर जमीन तक पहुंचने से पहले ही पिघलकर बारिश की बूंदों में बदल जाते हैं, जबकि बड़े ओले तेजी से नीचे गिरते हैं. इस बार UP और बिहार में जो ओले गिरे वे अक्सर गोल्फ की गेंद जितने बड़े थे.

इस साल ओलावृष्टि की घटनाएं ज्यादा क्यों हो रही हैं?

2026 में उत्तरी भारत के मौसम के मिजाज में काफी बदलाव आया है. वैज्ञानिकों के अनुसार इसका मुख्य कारण 'पश्चिमी विक्षोभ' की बढ़ती सक्रियता है. ये पश्चिम से आने वाले मौसम तंत्र हैं जो हिमालयी क्षेत्र में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश और तूफान लाते हैं. इस साल ये गड़बड़ियां असामान्य रूप से ज्यादा हो रही हैं और इनका असर मई महीने तक बना हुआ है.

क्या है दूसरा कारण?

दूसरा मुख्य कारण जलवायु परिवर्तन है. ग्लोबल वार्मिंग के कारण हवा गर्म हो रही है. गर्म हवा में नमी सोखने की क्षमता ज्यादा होती है. जब यह नमी तेजी से ऊपर उठती है, तो इससे बहुत शक्तिशाली बादल बनते हैं. इस प्रक्रिया से तेज अपड्राफ्ट हवा की ऊपर उठती धाराएं पैदा होती हैं, जो ओले बनने के लिए जरूरी हैं.

भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD ने कई बार उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पड़ोसी राज्यों में ओले गिरने के संबंध में चेतावनी जारी की है.

कैसे रहें सुरक्षित?

  • जब भी IMD मौसम की चेतावनी जारी करे तो घर के अंदर ही रहें.
  • खेतों में जहां भी संभव हो, मजबूत आश्रयों या सुरक्षात्मक जालियों का उपयोग करें.
  • फलों के बागों में विशेष रूप से आम और लीची जैसी फसलें उगाने वाले बागों में समय पर सुरक्षात्मक उपाय अपनाएं.
  • पुरानी इमारतों या बड़े पेड़ों के पास जानें से बचें.