IPL 2026 West Bengal Assembly Election 2026 Assam Assembly Election 2026

मशीन गन, बुलेटप्रूफ जैकेट, एडवांस ट्रेंड कमांडो...अभेद्य सुरक्षा के साथ दौड़ेगी चिनाब से होकर गुजरने वाली वंदे भारत

ट्रेन में विशेष रूप से प्रशिक्षित कमांडो तैनात किए गए हैं, जो अत्याधुनिक मशीन गन, बुलेटप्रूफ जैकेट, हेलमेट और हाईटेक गैजेट्स से लैस हैं.

Sagar Bhardwaj

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 6 जून 2025 को जम्मू-कश्मीर के कटरा में चिनाब ब्रिज और अंजनी पुल का उद्घाटन किया. साथ ही, उन्होंने कटरा-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाकर एक ऐतिहासिक रेल सेवा की शुरुआत की. यह ट्रेन 272 किलोमीटर लंबे उद्धमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) का हिस्सा है, जो कटरा से श्रीनगर की दूरी को मात्र 3 घंटे में तय करेगी, जो पहले सड़क मार्ग से 6-7 घंटे में पूरी होती थी.  

अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था
क्षेत्र में हाल के आतंकी हमलों, विशेष रूप से 22 अप्रैल 2025 को पाहलगाम में हुए हमले के बाद, वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्रियों की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं. ट्रेन में विशेष रूप से प्रशिक्षित कमांडो तैनात किए गए हैं, जो अत्याधुनिक मशीन गन, बुलेटप्रूफ जैकेट, हेलमेट और हाईटेक गैजेट्स से लैस हैं. प्रत्येक कोच में दो कमांडो की तैनाती सुनिश्चित की गई है, ताकि यात्रियों को किसी भी खतरे से सुरक्षित रखा जा सके. यह कदम क्षेत्र में बढ़ते तनाव और 'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर भारत की कार्रवाई के मद्देनजर उठाया गया है.  

सुरक्षा बलों का संयुक्त अभ्यास
16 अप्रैल 2025 को राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG), जम्मू-कश्मीर पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने कटरा रेलवे स्टेशन पर एक संयुक्त ट्रेन सुरक्षा अभ्यास किया. इस अभ्यास का उद्देश्य आतंकी खतरों से निपटने के लिए सुरक्षा बलों के बीच समन्वय और तत्परता को मजबूत करना था. इस पहल ने संभावित आतंकी गतिविधियों को रोकने की रणनीति को और सशक्त किया है.  

हाईटेक सुविधाओं से लैस ट्रेन
वंदे भारत एक्सप्रेस को हिमालय की कठिन परिस्थितियों, जैसे -20 डिग्री सेल्सियस तापमान, के लिए डिज़ाइन किया गया है. इसमें ऑटोमेटिक दरवाजे, हीटिंग सिस्टम और एंटी-स्पॉल लेयर जैसी आधुनिक सुविधाएं हैं. यात्रियों की सुरक्षा के लिए कड़े प्रोटोकॉल और जांच प्रक्रियाएं भी लागू की गई हैं.  

प्रमुख स्टेशनों पर विशेष व्यवस्था
कटरा, रियासी, संगलदान, बानिहाल, काजीगुंड, अनंतनाग और श्रीनगर जैसे स्टेशनों पर विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. यह ट्रेन न केवल कनेक्टिविटी को बढ़ाएगी, बल्कि पर्यटन और व्यापार को भी प्रोत्साहन देगी.