CM स्टालिन के मास्टर स्ट्रोक से चित हुआ विपक्ष, करोड़ों महिलाओं के खाते में भेजे 5-5 हजार रूपए

महिला अधिकार सहायता योजना की शुरुआत 15 सितंबर 2023 को की गई थी. इस योजना के तहत परिवार की महिला मुखिया को हर महीने 1,000 रुपये दिए जाते हैं. वर्तमान में लगभग 1.14 करोड़ महिलाएं इससे लाभान्वित हो रही हैं.

Anuj

चेन्नई: मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के एक बड़े ऐलान के बाद राज्य की राजनीति और सामाजिक हलकों में हलचल तेज हो गई है. कलैगनार महिला अधिकार योजना के तहत महिलाओं के बैंक खातों में एकमुश्त 5,000 रुपये जमा किए गए. इस घोषणा के तुरंत बाद थूथुकुडी में डीएमके कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़कर और मिठाइयां बांटकर खुशी जाहिर की. सरकार ने इसे महिलाओं के सम्मान और आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा कदम बताया है.

सरकार के अनुसार, 3,000 रुपये फरवरी, मार्च और अप्रैल की अग्रिम किस्त के रूप में दिए गए हैं. इसके अलावा 2,000 रुपये 'समर स्पेशल पैकेज' के तौर पर जोड़े गए. इस तरह कुल 5,000 रुपये शुक्रवार सुबह सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए. मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर कहा कि यह राशि पहले से सुनिश्चित सहायता का हिस्सा है.

थूथुकुडी में जश्न का माहौल

घोषणा के बाद थूथुकुडी में डीएमके कार्यकर्ताओं ने पुराने बस स्टैंड के पास उत्सव मनाया. तमिलनाडु की सामाजिक कल्याण एवं महिला सशक्तिकरण मंत्री श्रीमती पी. गीता जीवन के नेतृत्व में समर्थकों ने पटाखे जलाए और आम लोगों में मिठाइयां बांटीं. कार्यकर्ताओं ने इसे महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया.

1.14 करोड़ महिलाएं लाभान्वित

महिला अधिकार सहायता योजना की शुरुआत 15 सितंबर 2023 को की गई थी. इस योजना के तहत परिवार की महिला मुखिया को हर महीने 1,000 रुपये दिए जाते हैं. वर्तमान में लगभग 1.14 करोड़ महिलाएं इससे लाभान्वित हो रही हैं. सरकार ने पहले ही संकेत दिया था कि जल्द ही नए लाभार्थियों का पंजीकरण भी शुरू किया जाएगा.

मासिक सहायता दोगुनी करने का वादा

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि अगले कार्यकाल में 'द्रविड़ मॉडल 2.0' मासिक सहायता के तहत 1,000 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये कर दी जाएगी. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग चुनाव का हवाला देकर तीन महीने की सहायता रोकने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन सरकार ने अग्रिम भुगतान कर किसी भी बाधा की संभावना खत्म कर दी.

CM एमके स्टालिन ने क्या कहा?

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि यह महिलाओं से किया गया वादा है, जिससे वे पीछे नहीं हटेंगे. उन्होंने साफ किया कि 1.31 करोड़ लाभार्थियों को यह राशि भेजी गई है. सरकार का दावा है कि यह कदम आर्थिक राहत देने के साथ-साथ महिलाओं के आत्मसम्मान को भी मजबूत करेगा.