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क्या बिहार में कांग्रेस-जदयू में सीटों के लिए बनी सहमति? जानें, राहुल की यात्रा में शामिल होने के लिए नीतीश की हामी के मायने?

राहुल गांधी की 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' दो चरणों के तहत बिहार से गुजरेगी. बताया जा रहा है कि राहुल गांधी की रैली में नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव के शामिल होने की पुष्टि हो गई है. जबकि लालू यादव के भी रैली में शामिल होने की संभावना है. उनके अलावा, सीपीआई और सीपीआई (एम) के राज्य नेताओं के अलावा सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य को भी आमंत्रित किया गया है.

Om Pratap

Rahul Gandhi BHARAT Jodo Nyay Yatra: लोकसभा चुनाव के लिए बिहार में सीट बंटवारे पर सहमति नहीं बनने से कांग्रेस और जदयू के बीच रिश्तों में खटास की अटकलें थीं. लेकिन अब कहा जा रहा है कि दोनों पार्टियों के संबंधों के बीच नरमी के संकेत दिखे हैं. जानकारी के मुताबिक, बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड (JDU) अध्यक्ष नीतीश कुमार 30 जनवरी को राहुल गांधी की 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' में शामिल होंगे. नीतीश कुमार के साथ बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव भी मौजूद रहेंगे. बताया जा रहा है कि 30 जनवरी को बिहार के पूर्णिया से राहुल गांधी की यात्रा गुजरेगी. 

नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव के राहुल गांधी की यात्रा में शामिल होने की पुष्टि सोमवार को कांग्रेस एमएलसी और पार्टी के सीनियर नेता प्रेम चंद्र मिश्रा ने की. मिश्रा ने संवाददाताओं से कहा कि  राहुल गांधी 29 जनवरी को किशनगंज के रास्ते बिहार (पश्चिम बंगाल से) में प्रवेश करेंगे और 30 जनवरी को पूर्णिया में एक रैली को संबोधित करेंगे. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पूर्णिया रैली में अपनी भागीदारी की पुष्टि की है. बता दें कि 1 फरवरी को राहुल गांधी की यात्रा एक बार फिर पश्चिम बंगाल से गुजरेगी और वापस बिहार पहुंचेगी, जिसके बाद यात्रा अररिया और कटिहार की ओर प्रस्थान करेगी.

किशनगंज में ही राहुल गांधी की रैली क्यों?

किशनगंज लोकसभा सीट फिलहाल कांग्रेस के पास है. यह एकमात्र सीट है जिसे महागठबंधन ने 2019 के आम चुनाव में जीता था. कांग्रेस ने सीमांचल क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित किया है, जिसमें किशनगंज, अररिया, पूर्णिया और कटिहार की लोकसभा सीटें शामिल हैं. वर्तमान में, पूर्णिया और कटिहार से जदयू के सांसद हैं, जबकि अररिया सीट पर भाजपा का कब्जा है.

बिहार में राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा के लिए मीडिया समिति के अध्यक्ष बनाए गए प्रेम चंद्र मिश्रा ने कहा कि राहुल की यात्रा दो चरणों में 425 किमी और बिहार के सात जिलों को कवर करेगी. दूसरे चरण की यात्रा को लेकर फिलहाल कोई जानकारी पार्टी की ओर से शेयर नहीं की गई है. हालांकि बताया जा रहा है कि राहुल की यात्रा दक्षिण बिहार के जिलों औरंगाबाद, कैमूर और रोहतास को भी कवर करेगी.

नीतीश के राहुल की रैली में शामिल होने के मायने?

लोकसभा चुनाव के लिए बिहार में सीट बंटवारे पर सहमति नहीं बनने से कांग्रेस और जदयू के बीच रिश्तों में खटास की अटकलें थीं. अब राहुल गांधी की रैली में शामिल होने के लिए नीतीश की सहमति को इंडिया ब्लॉक के सहयोगियों के बीच एकजुटता दिखाने के कदम के रूप में देखा जा रहा है.

जदयू के एक नेता ने कहा कि हम कभी भी कांग्रेस की यात्रा के खिलाफ नहीं थे, लेकिन हम इसे भारत ब्लॉक मार्च बनाना चाहते थे. अब जब राहुल गांधी ने पूर्णिया में एक सभा को संबोधित करने का फैसला किया है तो नीतीश कुमार उसमें शामिल होंगे. यह एकजुटता का एक बड़ा संकेत होगा. वहीं, राजद के एक नेता ने कहा कि डिप्टी सीएम तेजस्वी प्रसाद यादव पूर्णिया रैली में शामिल होंगे.

31 जनवरी को कांग्रेस की रैली में लालू भी हो सकते हैं शामिल

वहीं, कांग्रेस नेता मिश्रा ने कहा कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद को निमंत्रण दिया गया है, जो ईडी के समन के मद्देनजर अपनी उपलब्धता के अनुसार 31 जनवरी को पूर्णिया या कटिहार में होने वाली रैली में शामिल हो सकते हैं. मिश्रा ने कहा कि अन्य गठबंधन सहयोगियों जैसे सीपीआई और सीपीआई (एम) के राज्य नेताओं के अलावा सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य को भी आमंत्रित किया गया है और वे यात्रा को अपना समर्थन देने के लिए सहमत हुए हैं. बता दें कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने लालू यादव और उनके बेटे तेजस्वी को कथित नौकरी के बदले जमीन घोटाले के संबंध में पूछताछ के लिए 29 और 30 जनवरी को पटना में अपने कार्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा है.