नई दिल्ली: महाराष्ट्र के पुणे में अस्पताल में बम रखने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस इस मामले में लगातार दबिश दे रही थी, जिसके बाद पुलिस ने आख़िरकार आरोपी को चलती ट्रेन से गिरफ्तार कर लिया है. अब पुलिस आरोपी से पूछताछ में जुटी है.
दरअसल, पुणे के उषा किरण हॉस्पिटल में में एक संदिग्ध वस्तु मिली थी, जिसके बाद जांच में उसके बम होने की पुष्टि हुई. अस्पताल में बम मिलने की खबर जैसे ही इलाके में फैली, हड़कंप मच गया. पुलिस ने भी इस मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत जांच-पड़ताल शरू कर दी. जांच के क्रम में पुलिस को उस वक्त बड़ी कामयाबी हाथ लगी, जब आरोपी के शालीमार एक्सप्रेस ट्रेन से सफर करने की जानकारी मिली.
आरोपी के ट्रेन में होने की सूचना पर पुलिस ने फ़ौरन अपने नेटवर्क को एक्टिवेट किया और आरोपी को वर्धा जिले के पुलगांव रेलवे स्टेशन पर गिरफ्तार कर लिया गया. अस्पताल में बम रखने के बाद आरोपी फरार होने की कोशिश कर रहा था, लेकिन पुलिस ने समय रहते आरोपी के मंसूबे को कामयाब नहीं होने दिया और उसे चलती ट्रेन से गिरफ्तार कर लिया गया.
अस्पताल में बम रखने के मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब देश की सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट मोड में आ गई है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सुरक्षा एजेंसियां भी अपने स्तर पर इस मामले की जांच कर रही है कि आखिर आरोपी ने अस्पताल में बम क्यों रखा और इसके पीछे उसकी क्या मंशा थी. फिलहाल पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है और पुलिस ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस घटना का कोई आतंकी एंगल है या फिर इसके तार कही विदेश से तो नहीं जुड़े.
आपको बता दें कि पुणे के उषा किरण हॉस्पिटल के पहले मंजिल पर बुधवार शाम को पुरुषों के शौचालय में सफाई के दौरान एक संदिग्ध वस्तु मिली. सफाईकर्मी महिला ने इसकी सूचना अस्पताल प्रबंधन को दी. सूचना पर डॉ. विलास गायकवाड़ खुद उस वस्तु को एक बॉक्स में रखकर हॉस्पिटल के बाहर खाली जगह पर ले गए, क्योंकि तब ये माना जा रहा था कि ये किसी की शरारत है.
मामले में जैसे ही पुलिस के बम निरोधक दस्ते की एंट्री हुई, जांच में स्पष्ट हो गया कि संदिग्ध वस्तु बम ही है. बम निरोधक दस्ते ने एक खाली जगह पर बम को निष्क्रिय करने की कोशिश शुरू कर दी, लेकिन इस दौरान विस्फोट हो गया. विस्फोट की तीव्रता कम थी, लिहाजा कोई नुकसान नहीं हुआ. माना जा रहा है कि अगर ये विस्फोट अस्पताल के अंदर हुआ होता तो जान-माल का व्यापक नुकसान होता.