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जाकिर नाइक से प्रेरित 'लोन वुल्फ' आतंकी गिरफ्तार: IED एक्सपर्ट अबुबकर सिद्दीक के पास मिले बम बनाने के उपकरण और शहरों के नक्शे

आंध्र प्रदेश पुलिस ने खुलासा किया है कि हाल ही में तमिलनाडु से गिरफ्तार किया गया आतंकी अबुबकर सिद्दीक सिर्फ एक सामान्य संदिग्ध नहीं बल्कि एक बड़ा और खतरनाक ‘लोन वुल्फ’ आतंकी है, जो बम बनाने की तकनीक में माहिर है. उस पर एल.के. आडवाणी की रथयात्रा के दौरान 2011 में पाइप बम लगाने की कोशिश में भी शामिल होने का आरोप है. पुलिस के अनुसार, वह विवादित इस्लामिक प्रचारक जाकिर नाइक की विचारधारा से प्रेरित था.

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Kuldeep Sharma

आंध्र प्रदेश पुलिस ने शनिवार को बताया कि उन्होंने तमिलनाडु से जिन दो आतंकियों को गिरफ्तार किया था, उनमें से एक अबुबकर सिद्दीक बेहद खतरनाक और प्रशिक्षित आतंकी है. वह देशभर में और खाड़ी देशों में लगातार यात्रा करता रहा है और अकेले ही कई कट्टरपंथी गतिविधियों को अंजाम देता रहा है. सिद्दीक आधुनिक विस्फोटकों और टाइमर डिवाइसेज़ को बनाने में विशेषज्ञ हैं और उसका संबंध जाकिर नाइक की कट्टरपंथी विचारधारा से भी रहा है.

कुरनूल रेंज के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) कोया प्रवीन ने जानकारी दी कि अबुबकर सिद्दीक न केवल एक प्रशिक्षित आतंकी है, बल्कि अकेले ही कई आतंकियों को तकनीकी मदद देने वाला ‘बड़ा मछली’ (Big Fish) है। वह विभिन्न प्रकार के आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइसेज़), इलेक्ट्रॉनिक टाइमर बम और अन्य विस्फोटक उपकरण बनाने में निपुण है। पुलिस के अनुसार, सिद्दीक अकेले काम करने वाला ‘लोन वुल्फ’ है और उसका मकसद था कि जिन लोगों की सोच उससे मेल खाती है, उन्हें आतंकी तकनीक मुहैया कराना।

जाकिर नाइक से प्रेरित था सिद्दीक

DIG प्रवीन ने कहा कि सिद्दीक जाकिर नाइक की विचारधारा से काफी प्रभावित था और उसी दिशा में कार्य कर रहा था. वह न केवल भारत के विभिन्न हिस्सों में घूम चुका है, बल्कि खाड़ी देशों की भी कई बार यात्रा कर चुका है. पुलिस के मुताबिक, वह बिना किसी बड़े संगठन के सीधा संपर्क रखे अकेले ही आतंकी गतिविधियों को अंजाम देता था. उसका नेटवर्क सीमित लेकिन बेहद गुप्त था.

जांच में मिले कई संदिग्ध उपकरण और दस्तावेज़

पुलिस ने सिद्दीक और उसके साथी मोहम्मद अली की गिरफ्तारी के बाद जिन स्थानों पर तलाशी ली, वहां से उन्हें बड़ी मात्रा में संदिग्ध वस्तुएं मिलीं. इनमें कई डैगर्स, दरांती, डिजिटल टाइमर, क्लॉक स्विच, स्पीड कंट्रोलर, बॉल बेयरिंग, नट-बोल्ट, बायनोक्युलर, वॉकी-टॉकी, मोबाइल फोन और हैकिंग सॉफ्टवेयर शामिल हैं. इसके अलावा पुलिस को ISIS से प्रेरित साहित्य, प्रमुख भारतीय शहरों के नक्शे, कोडिंग मैनुअल्स, डिजिटल स्टोरेज डिवाइसेज़, चेक बुक, संपत्ति के कागज़ और कुछ वित्तीय रिकॉर्ड भी मिले हैं, जिनमें संदेहास्पद लेनदेन के सबूत हैं.

फिलहाल विस्फोटक नहीं मिला, पर जांच जारी

शनिवार को एक बार फिर दोनों संदिग्धों से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की गई. हालांकि इस बार कोई विस्फोटक सामग्री नहीं मिली, लेकिन पुलिस ने कुछ अहम दस्तावेज़ और पेन ड्राइव ज़ब्त की हैं. जांच एजेंसियों का मानना है कि अबुबकर सिद्दीक जैसे तकनीकी रूप से प्रशिक्षित आतंकी को लंबे समय तक नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता. आगे की पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर इस नेटवर्क में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं.