Make in India: मेक इन इंडिया के दस साल पूरे होने पर प्रधानमत्री नरेंद्र मोदी ने इसकी खास उपलब्धियां गिनाईं हैं. मेक इन इंडिया पहल 25 सितंबर, 2014 को शुरू की गई थी जिसका उद्देश्य निवेश को सुविधाजनक बनाना, इनोवेशन को बढ़ावा देना, बेहतरीन इन्फ्रस्ट्रक्चर का निर्माण करना, व्यापार को आसान बनाना और कौशल विकास को बढ़ावा देना है.
पीएम मोदी ने लिंकडिन पोस्ट पर इस पहल को "शानदार सफलता" बताया, जिसने भारत को आयात पर निर्भर देश से एक उभरते मैन्युफैक्चरिंग हब में बदल दिया.
पीएम मोदी ने कहा कि मेकि इन इंडिया यह दिखता है कि भारत रुकने वाला नहीं यानी अनस्टॉपेबल है. पीएम ने इसका क्रेडिट देश की जनता को और उसके विजनरी इनोवेशन को दिया.
प्रमुख उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए मोदी ने मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में तेजी से हुई वृद्धि की ओर इशारा किया. 2014 में मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग की दो यूनिट थीं. अब मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग की 200 से ज्यादा यूनिट हैं.
मोबाइल एक्सपोर्ट 1,556 करोड़ से बढ़कर 1.2 लाख करोड़ हो गया है. इसमें 75,00 प्रतिशत की ग्रोथ देखी गई है. पीएम मोदी ने कहा कि भारत में इस्तेमाल होने वाले 99 फीसदी स्मॉर्टफोन भारत में ही निर्मित होते हैं. भारत मोबाइल फोन का दूसरा सबसे बड़ा मैन्युफैक्चरर बन गया है.
दूसरे सेक्टरों की बात करें तो स्टील, सेमीकंडक्टर, रिन्यूएबल एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल और डिफेंस में महत्वपूर्ण वृद्दि देखी गई है. पीएम मोदी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि भारत स्टील का शुद्द निर्यातक बन गया है. सेमीकंडक्टर उप्तादन 1.5 लाख करोड़ के पार जा चुका है. नए प्लांट स्थापित होने के साथ 7 करोड़ चिप डेली बनाए जाएंगे.
रिन्यूबल एनर्जी के उत्पादन में हम वैश्विक स्तर पर चौथे नंबर पर हैं. मात्र एक दशक में हमने इसमें 400 फीसदी उछाल हासिल की है. हमारी इलेक्ट्रिक व्हीकल इंडस्ट्री जो 2015 से पहले नहीं थी अब 3 बिलियन डॉलर की हो गई है.
पीम मोदी ने डिफएंस सेक्टर में हो रहे उत्पादन की तारीफ करते हुए कहा कि डिफेंस एक्सपोर्ट 1000 करोड़ से 21000 करोड़ रुपये हो गया है. 85 देशों को हम लड़ाकू औजार सप्लाई करते हैं. खिलौना उद्योग में भी इजाफा हुआ है. 239 फीसदी निर्यात बढ़ा है, जबकि आयात आधा हो गया है.
पीएम मोदी ने कहा, "हमें एक्सिलेंस के लिए प्रयास करना चाहिए. डिलीवरी डिलीवरी की गुणवत्ता हमारी प्रतिबद्धता होनी चाहिए. शून्य दोष हमारा मंत्र होना चाहिए. साथ मिलकर, हम एक ऐसे भारत का निर्माण जारी रख सकते हैं जो न केवल अपनी जरूरतों को पूरा करे बल्कि दुनिया के लिए विनिर्माण और नवाचार का केंद्र भी बने."