T20 World Cup 2026

'ये सिखों का अपमान है...', केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को 'गद्दार दोस्त' बोलने पर PM मोदी ने राहुल गांधी को घेरा

राज्यसभा में बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस के नेता ने जानबूझकर एक सिख सांसद को गद्दार कहा. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस कई बार टूटी और कई नेता अलग हुए, लेकिन किसी को गद्दार नहीं कहा गया.

Social Media
Anuj

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर सीधा हमला करते हुए कहा कि उनके बयान से कांग्रेस की सिख समुदाय के प्रति सोच उजागर होती है. मामला केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को 'गद्दार दोस्त' बोलने से जुड़ा है.

संसद परिसर में हुए घटनाक्रम के बाद यह विवाद गहराया. भाजपा ने इसे सिखों का अपमान बताया, जबकि कांग्रेस ने सफाई दी कि टिप्पणी पार्टी बदलने को लेकर थी.

संसद परिसर से शुरू हुआ विवाद

बुधवार को संसद परिसर में निलंबित विपक्षी सांसदों का प्रदर्शन चल रहा था. इस दौरान राहुल गांधी ने उन्हें 'गद्दार दोस्त' कहकर संबोधित किया और हाथ बढ़ाया. बिट्टू ने हाथ मिलाने से इनकार किया और राहुल गांधी को देश का दुश्मन बताकर वहां से चले गए.

कांग्रेस की सफाई और भाजपा का आरोप

कांग्रेस ने कहा कि राहुल गांधी का इशारा बिट्टू के कांग्रेस छोड़ने की ओर था न कि किसी समुदाय की ओर. लेकिन भाजपा ने इस बयान को सिख समुदाय से जोड़ते हुए कड़ा विरोध किया. पार्टी का कहना था कि एक सिख सांसद को इस तरह संबोधित करना बेहद आपत्तिजनक है. इसके बाद विवाद ने राजनीतिक रंग ले लिया.

सिख समुदाय का विरोध प्रदर्शन

इस बयान के बाद सिख समुदाय के कुछ सदस्यों ने कांग्रेस मुख्यालय और अन्य जगहों पर विरोध प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने राहुल गांधी से सार्वजनिक माफी की मांग की. उनका कहना था कि 'गद्दार' शब्द सिखों के बलिदान और इतिहास का अपमान है. इस मुद्दे पर सत्तापक्ष लगातार कांग्रेस को घेरता रहा.

राज्यसभा में प्रधानमंत्री का तीखा हमला

राज्यसभा में बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस के नेता ने जानबूझकर एक सिख सांसद को गद्दार कहा. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस कई बार टूटी और कई नेता अलग हुए, लेकिन किसी को गद्दार नहीं कहा गया. प्रधानमंत्री ने इसे सिखों और उनके गुरुओं का अपमान बताया और कहा कि यह कांग्रेस की गहरी नफरत को दिखाता है.

हंगामा, नारे और वॉकआउट

प्रधानमंत्री का भाषण शाम करीब 5 बजे शुरू हुआ. विपक्ष ने लोकसभा में राहुल गांधी को बोलने न देने का मुद्दा उठाते हुए नारेबाजी की. करीब दस मिनट तक हंगामा चलता रहा. इसके बाद विपक्षी सांसदों ने सदन से वॉकआउट कर दिया. यह पूरा घटनाक्रम संसद के भीतर बढ़ते टकराव को दिखाता है.