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India Daily

Pahalgam Attack: 'मोदी-शाह मुझे बम दें...' कांग्रेस मंत्री के बयान से पाकिस्तान में खलबली, उड़ी रातों की नींद; वायरल

Pahalgam Attack: 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में पाकिस्तान के समर्थित आतंकवादियों ने 26 पर्यटकों की हत्या कर दी. इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली है.

Ritu Sharma
Edited By: Ritu Sharma
Pahalgam Attack: 'मोदी-शाह मुझे बम दें...' कांग्रेस मंत्री के बयान से पाकिस्तान में खलबली, उड़ी रातों की नींद; वायरल
Courtesy: Social Media

Pahalgam Attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद भारत में पाकिस्तान के खिलाफ गुस्सा चरम पर है. इसी बीच कर्नाटक सरकार में आवास और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री जमीर अहमद खान का एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में वे खुले मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से आग्रह कर रहे हैं कि उन्हें आत्मघाती हमलावर बनने की इजाजत दी जाए ताकि वो पाकिस्तान जाकर हमला कर सकें.

'अगर जंग होगी तो मैं तैयार हूं'

मंत्री जमीर खान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ''हम भारतीय हैं, पाकिस्तान का हमसे कोई रिश्ता नहीं. वो हमेशा से हमारा दुश्मन रहा है. अगर मोदी, शाह और केंद्र सरकार मुझे इजाजत दे तो मैं खुद पाकिस्तान जाकर जंग लड़ंगा.'' उन्होंने आगे कहा कि वो मजाक नहीं कर रहे, बल्कि देश के लिए फिदायीन बनने को भी तैयार हैं.

'बम पहनकर जाऊंगा पाकिस्तान'

बता दें कि खान ने अपने बयान में कहा, ''अगर जरूरत पड़ी तो मैं फिदायीन हमलावर बन जाऊंगा. अल्लाह कसम खाकर कहता हूं कि अगर मोदी और शाह मुझे आत्मघाती हमलावर बनाएंगे तो मैं बम पहनकर पाकिस्तान जाऊंगा.'' इस बयान ने सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है.

पहलगाम हमले की तीखी निंदा

वहीं जमीर खान ने पहलगाम हमले को ''निर्दोषों पर किया गया जघन्य और अमानवीय कृत्य'' बताया. उन्होंने सभी भारतीयों से इस आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होने की अपील की और केंद्र सरकार से राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर और सख्त कदम उठाने की मांग की.

भारत की कड़ी प्रतिक्रिया

इसके अलावा, पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े TRF ने पहलगाम हमले की जिम्मेदारी ली थी, जिसमें 26 निर्दोष पर्यटक मारे गए थे. भारत ने इस हमले के बाद पाकिस्तान के साथ राजनयिक संबंधों में कटौती की, सिंधु जल संधि को निलंबित किया और पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए. पाकिस्तान ने जवाब में भारत से व्यापार बंद कर दिया और अपने हवाई क्षेत्र को भी भारतीय उड़ानों के लिए बंद कर दिया.