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कौन देगा जवाब, किसकी जवाबदेही... फ्लाइट से टक्कर के बाद 36 फ्लेमिंगो की मौत का जिम्मेदार कौन?

Mumbai News: एमिरेट्स की फ्लाइट की चपेट में आने से 36 राजहंसों यानी फ्लेमिंगो की दर्दनाक मौत का मामला सामने आया है. फ्लोमिंगो के झुंड से टक्कर के बाद एमिरेट्स की फ्लाइट भी क्षतिग्रस्त हो गई. घटना के दौरान विमान में यात्री भी सवार थे, जिन्हें दुर्घटना के बाद सुरक्षित विमान से उतार लिया गया. इंसानों के लिहाज से देखा जाए तो सब ठीक है, लेकिन 36 फ्लेमिंगो की मौत की जिम्मेदारी कौन लेगा?

India Daily Live

Mumbai News: मुंबई के घाटकोपर के पास एक इलाके में 36 राजहंस यानी फ्लेमिंगों के शव पाए गए. फिलहाल, जानकारी जुटाई जा रही है कि क्या और फ्लेमिंगो की मौत हुई है? दरअसल, 310 यात्रियों को ले जा रही मुंबई-दुबई की फ्लाइट सोमवार रात मुंबई के घाटकोपर में फ्लेमिंगो के झुंड से टकरा गई. घटना पंतनगर के लक्ष्मी नगर इलाके की है, जहां एक साथ 36 राजहंस मरे हुए मिले.

मुंबई हवाई अड्डे के एक सूत्र ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि फ्लाइट संख्या EK 508 ने रात 9 बजकर 18 मिनट पर पंक्षियों से टकराने की जानकारी दी. इस दौरान फ्लाइट को नुकसान की भी खबर दी गई. इसके बाद फ्लाइट को सुरक्षित रनवे पर उतारा गया. फिर यात्रियों को बाहर निकाला गया. 

क्या बोले एडिशनल चीफ फॉरेस्ट कन्जर्वेटर?

एडिशनल चीफ फॉरेस्ट वन कन्जर्वेटर (मैंग्रोव संरक्षण सेल) एसवाई रामा राव ने कहा कि राजहंस के 36 शव पाए गए हैं और यह पता लगाने के लिए खोज जारी है कि क्या और राजहंस मारे गए हैं? उन्होंने कहा कि राजहंसों का एक झुंड फ्लाइट से टकरा गया था. मैंग्रोव संरक्षण सेल के दीपक खाड़े ने कहा कि एयरपोर्ट के अधिकारियों ने हमें पक्षी के टकराने की पुष्टि की है. ये घटना लक्ष्मी नगर (घाटकोपर पूर्व का उत्तरी छोर) के करीब हुई.

मैंग्रोव संरक्षण सेल के रेंज वन अधिकारी प्रशांत बहादुरे ने कहा कि मैं एयरपोर्ट पर गया, लेकिन उन्होंने मुझे प्रवेश की अनुमति नहीं दी. एयरपोर्ट के अधिकारियों ने हमें बताया है कि ये राजहंस अमीरात की उड़ान से टकरा गए थे. हमें स्थानीय लोगों का फोन आया. घटना रात 8.40 से 8.50 बजे के बीच हुई होगी और हमारी टीम रात 9.15 बजे मौके पर थी.

घटना को लेकर क्या बोले पर्यावरणविद्?

पर्यावरणविद् डी स्टालिन ने घटना को लेकर कहा कि पक्षियों के हवाई जहाज से टकराने के कारणों की जांच पड़ताल की जा रही है. लेकिन मेरा मानना है कि सेंचुरी एरिया से होकर गुजरने वाली नई विद्युत लाइनें पक्षियों के लिए भटकाव का कारण बन रही हैं. इसकी अनुमति कभी नहीं दी जानी चाहिए थी... कई वैकल्पिक मार्ग अपनाए जा सकते थे. बिजली लाइनों की अनुमति देते समय (पहले सेंचुरी के अंदर इसकी अनुमति नहीं थी) वन्यजीव बोर्ड ने चुपचाप बिजली कंपनी के सामने सरेंडर कर दिया. इसके बजाय, ठाणे क्रीक वन्यजीव अभयारण्य पर बुलडोज़र चला दिया गया और टावर खड़े कर दिए गए.

स्टालिन ने दावा किया कि ये भी संभव है कि सिडको, जिसने नवी मुंबई हवाईअड्डे पर पक्षियों के टकराने के खतरे की थ्योरी शुरू की थी, उसका इस दुर्घटना से अप्रत्यक्ष संबंध हो. उन्होंने कहा कि एनआरआई कॉम्प्लेक्स क्षेत्र और टीएस चाणक्य झीलों में आर्द्रभूमि राजहंस झुंडों का घर है. पिछले महीने से वहां पक्षियों को परेशान करने और जलाशयों को निर्माण कार्य में लाने का प्रयास किया जा रहा है.