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Manipur Violence: 'लूटे गए हथियार जमा करें वरना...', जानें मणिपुर के मुख्य सचिव ने और क्या कहा?

मणिपुर में इस समय स्थिति को सामान्य बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं. हथियारों की वापसी और शांति स्थापित करने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह से प्रतिबद्ध है. इन प्रयासों का उद्देश्य नागरिकों की सुरक्षा और राज्य में शांति सुनिश्चित करना है.

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Edited By: Mayank Tiwari
Manipur Violence: 'लूटे गए हथियार जमा करें वरना...', जानें मणिपुर के मुख्य सचिव ने और क्या कहा?
Courtesy: Social Media

Manipur Violence: मणिपुर के मुख्य सचिव पीके सिंह ने रविवार (23 फरवरी) को एक महत्वपूर्ण बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा कि जो लोग हथियार छोड़ने की इच्छा रखते हैं, उनके लिए सात दिन का समय काफ़ी है. उनका यह बयान मणिपुर में शांति और सामान्य स्थिति को बहाल करने के संदर्भ में आया है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्धारित समय सीमा के बाद भी हथियार नहीं लौटाए गए, तो सुरक्षा बलों द्वारा कार्रवाई की जाएगी और ऐसे हथियारों को जब्त किया जाएगा.

राज्यपाल का आदेश: हथियारों और गोला-बारूद को जमा कराने की अपील

दरअसल, बीते 20 फरवरी को मणिपुर के राज्यपाल, अजय कुमार भल्ला, ने सभी समुदायों के लोगों से अपील की थी कि वे लूटे गए और अवैध रूप से रखे गए हथियार और गोला-बारूद अगले सात दिनों के भीतर जमा कर दें. बता दें कि, यह कदम राज्य में शांति और कानून व्यवस्था को पुनः स्थापित करने के उद्देश्य से उठाया गया है.

मुख्य सचिव की अपील: हथियारों की वापसी आवश्यक

मुख्य सचिव पीके सिंह ने इस मुद्दे पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, "वहां शांति और सामान्य स्थिति होनी चाहिए. इसलिए, हथियार जनता के हाथ में नहीं होने चाहिए. यह एक खतरनाक स्थिति है." उन्होंने यह भी कहा कि सबसे पहले हथियारों को वापस लाना बेहद आवश्यक है ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके. इसके बाद, उन्होंने राज्य में राजमार्गों को जल्द से जल्द खोलने और आवाजाही में सुधार लाने की आवश्यकता पर जोर दिया.

राज्यपाल अजय कुमार भल्ला की अपील: सात दिनों में हथियार सौंपने का आग्रह

मणिपुर के राज्यपाल, अजय कुमार भल्ला, ने 20 फरवरी को राज्य के नागरिकों से अपील की थी कि वे सात दिनों के भीतर लूटे गए और अवैध रूप से रखे गए हथियारों को स्वेच्छा से सौंप दें. राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि इस अवधि के दौरान हथियार लौटाने वालों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी, ताकि शांति और सौहार्द्र की प्रक्रिया को बढ़ावा दिया जा सके.

सख्त कार्रवाई की चेतावनी: सात दिनों के बाद होगी कड़ी प्रक्रिया

राज्यपाल भल्ला ने आगे कहा कि सात दिनों की समय सीमा समाप्त होने के बाद यदि हथियार वापस नहीं किए जाते हैं तो सुरक्षा बलों द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी. यह कदम मणिपुर में बढ़ती हिंसा और असामाजिक गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है. राज्य सरकार का उद्देश्य शांति की स्थापना और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है.

सुरक्षाबलों की सक्रियता: जोमी और कुकी नेताओं से संपर्क

राज्यपाल की अपील के बाद, सुरक्षाबलों ने राज्य खुफिया एजेंसियों और प्रशासन के सहयोग से सक्रियता बढ़ाई. स्थानीय जोमी और कुकी समुदाय के नेताओं से संपर्क किया गया और उन्हें हथियार वापस करने के लिए प्रेरित किया गया. इस प्रयास के परिणामस्वरूप, शनिवार को चुराचंदपुर में दो समुदायों के लोगों ने बड़ी संख्या में लूटे गए हथियार वापस किए.