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Mahashivratri 2023: 'तरुण सब्जी' एक अद्भुत शिव प्रसाद, महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव को चढ़ाई जाती है

तरुण एक ऐसी फल-सब्जी है जिसे शिवरात्रि के दिन खाई जाती है. यह सब्जी मुख्य रूप से पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में उगाई जाती है. विशेष रूप से शिवरात्रि के मौके पर इसकी मांग बढ़ जाती है.

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Gyanendra Sharma

महाशिवरात्रि का पर्व 26 फरवरी के दिन पूरे देश में मनाया जाएगा. इस पर्व का एक विशेष महत्म है. इस दिन भक्तों का ताता शिव मंदिर के बाहर लगा रहता है.  इस दिन भक्तगण रातभर जागरण करते हुए शिव की आराधना करते हैं और उन्हें जल, दूध, फल, और फूल चढ़ाते हैं. महाशिवरात्रि के दिन एक विशेष प्रकार की सब्जी भी भगवान शिव को चढ़ाई जाती है, जिसे तरुण के नाम से जाना जाता है. हम आपको इस सब्जी के बारे में बताएंगे. 

तरुण एक ऐसी फल-सब्जी है, जो सिर्फ शिवरात्रि के दिन ही खाई जाती है. यह सब्जी मुख्य रूप से पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में उगाई जाती है. विशेष रूप से शिवरात्रि के मौके पर इसकी मांग बढ़ जाती है. प्राचीन समय से यह मान्यता है कि भगवान शिव को कंदमूल अत्यधिक प्रिय थे और इन्हीं कंदमूलों में तरुण भी एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है. 

महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव को चढ़ाने का रिवाज

तरुण की विशेषता यह है कि इसे केवल महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव को चढ़ाया जाता है. शिव भक्त इसे प्रसाद के रूप में भी खाते हैं. इसे पकाने और चढ़ाने का तरीका विशेष होता है, क्योंकि इस दिन भक्त पूरी श्रद्धा और भक्ति से तरुण की पूजा करते हैं. तरुण को दूध, घी, और शहद के साथ पकाया जाता है, और इसे शिव मंदिरों में चढ़ाया जाता है. गांव घरों में लोग तरुण को एक दिन पहले खोद का निकाल लेते हैं और शिवरात्रि के दिन इसकी सब्जी बनाकर भगवान शिव शंकर को चढ़ाते हैं. 

तरुण सब्जी का विशेष महत्व

बाजार में इस समय तरुण की कीमत 100 से 120 रुपये तक होती है. इसकी कीमत हर साल बदलती रहती है, लेकिन शिवरात्रि के मौके पर यह विशेष रूप से बढ़ जाती है. लोग इस सब्जी को श्रद्धा और विश्वास के साथ खरीदते हैं और भगवान शिव को चढ़ाने के बाद उसका सेवन करते हैं. कुल मिलाकर, महाशिवरात्रि के दिन तरुण सब्जी का विशेष महत्व है.