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'BJP-शिवसेना में तनाव...', महाराष्ट्र निकाय चुनाव से पहले डिप्टी एकनाथ शिंदे ने 'गठबंधन धर्म' की क्यों कही बात?

महाराष्ट्र के लोकल बॉडी चुनावों को लेकर एकनाथ शिंदे ने कहा कि शिवसेना और BJP के बीच कोई तनाव नहीं है. उन्होंने इसे पार्टी कार्यकर्ताओं का चुनाव बताते हुए कहा कि दोनों दल विकास के एजेंडे पर एकजुट हैं और गठबंधन धर्म निभाया जा रहा है.

Kanhaiya Kumar Jha
'BJP-शिवसेना में तनाव...', महाराष्ट्र निकाय चुनाव से पहले डिप्टी एकनाथ शिंदे ने 'गठबंधन धर्म' की क्यों कही बात?
Courtesy: Social Media

नई दिल्ली: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने राज्य के आगामी लोकल बॉडी चुनावों को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है. उन्होंने कहा कि भले ही शिवसेना और BJP कई सीटों पर अलग-अलग उम्मीदवार उतार रहे हों, लेकिन गठबंधन की मूल भावना कमजोर नहीं पड़ रही. शिंदे ने कहा कि सभी सहयोगी पार्टियों को गठबंधन का धर्म पूरी निष्ठा से निभाना चाहिए.

'लोकल बॉडी चुनाव पार्टी कार्यकर्ताओं का चुनाव'

एक निजी न्यूज़ चैनल के साथ इंटरव्यू में शिंदे ने साफ किया कि ये चुनाव मुख्य रूप से पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए होते हैं. उन्होंने कहा कि शिवसेना ने किसी भी चरण में अपनी सहयोगी पार्टी BJP के खिलाफ कोई अपमानजनक टिप्पणी नहीं की. उन्होंने कहा कि हम अपने-अपने मुद्दों पर प्रचार कर रहे हैं. एजेंडा केवल और केवल विकास है.

शिवसेना-BJP के बीच तनाव की अफवाहों को नकारा

हालिया बयानों और जमीनी स्तर पर दिख रहे विरोधाभासी संकेतों पर शिंदे ने टिप्पणी करते हुए कहा कि दोनों दलों के बीच किसी तरह का मतभेद नहीं है. उन्होंने कहा कि कई जगह दोनों दल साथ मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि कुछ जगह स्थानीय रणनीतियों और कार्यकर्ताओं की भावनाओं के आधार पर अलग-अलग लड़ाई भी हो रही है. शिंदे के अनुसार, लोकसभा और विधानसभा में हम साथ हैं और सरकार सफलतापूर्वक चला रहे हैं, इसलिए लोकल चुनावों को लेकर तनाव जैसी बात बिल्कुल नहीं है.

गठबंधन की ऐतिहासिक जड़ों की याद

एकनाथ शिंदे ने BJP–शिवसेना गठबंधन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए कहा कि यह गठबंधन सत्ता की लालसा से नहीं, बल्कि साझा विचारधारा से बना था. उन्होंने बताया कि यह साझेदारी बालासाहेब ठाकरे, अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी जैसे नेताओं के समय से चली आ रही है.

'पोर्टफोलियो बांटने के मुद्दे पर ध्यान देना जरूरी नहीं'

जब शिंदे से पूछा गया कि क्या महाराष्ट्र में बिहार की तरह मंत्रालयों का बंटवारा होना चाहिए, तो उन्होंने कहा कि NDA देशभर में मजबूत है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गठबंधन को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि मंत्रालयों पर बहस से ज्यादा महत्वपूर्ण विकास का एजेंडा है.

महाराष्ट्र में लोकल बॉडी चुनाव: राजनीतिक तापमान चरम पर

मंगलवार को होने वाले लोकल बॉडी चुनावों में 242 नगर परिषदों और 46 नगर पंचायतों में वोटिंग होगी. यह तीन-स्तरीय प्रक्रिया का पहला चरण है, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने अनिवार्य किया है. सत्तारूढ़ महायुति (BJP–शिंदे शिवसेना–अजित पवार NCP) का मुकाबला महा विकास अघाड़ी (UBT शिवसेना–NCP SP–कांग्रेस) से है. ठाणे, पुणे और अहिल्यानगर के कुछ क्षेत्रों में नॉमिनेशन विवादों के कारण चुनाव 20 दिसंबर तक टल चुके हैं.

चुनाव का महत्व और तैयारी

इन चुनावों को हालिया विधानसभा चुनावों में महायुति की जीत के बाद जनता के मूड का संकेत माना जा रहा है. 1.07 करोड़ से अधिक वोटर 13,355 मतदान केंद्रों पर वोट डालेंगे. 6,859 सदस्य और 288 अध्यक्ष चुने जाएंगे. चुनाव सुचारु रखने के लिए 66,000 से ज्यादा कर्मचारियों को तैनात किया गया है.
वोटों की गिनती 3 दिसंबर को होगी.