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India Daily

'नियमों का उल्लंघन किया तो होगी सख्त कार्रवाई', शनिवारवाड़ा विवाद पर बोले महाराष्ट्र के CM देवेंद्र फडणवीस 

Devendra Fadnavis: देश के कई किले इस समय विवादों में हैं, जिनमें महाराष्ट्र के पुणे स्थित ऐतिहासिक शनिवारवाड़ा किला भी शामिल है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले पर एक बयान जारी किया है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और किसी भी नियम या कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी.

Anubhaw Mani Tripathi
'नियमों का उल्लंघन किया तो होगी सख्त कार्रवाई', शनिवारवाड़ा विवाद पर बोले महाराष्ट्र के CM देवेंद्र फडणवीस 
Courtesy: X/@MrDemocratic_

Shaniwarwada controversy: महाराष्ट्र के पुणे शहर में स्थित ऐतिहासिक शनिवारवाड़ा किला इन दिनों विवादों के केंद्र में है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस विवाद पर बयान देते हुए कहा कि राज्य सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है और किसी भी नियम या कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

विवाद की शुरुआत तब हुई जब तीन महिलाओं ने पुणे के शनिवारवाड़ा परिसर में नमाज़ अदा की. इस घटना के बाद भाजपा सांसद मेधा कुलकर्णी ने आपत्ति जताई और अपने कार्यकर्ताओं के साथ स्थल पर जाकर 'शुद्धिकरण' के नाम पर गौमूत्र का छिड़काव किया. उनके इस कदम ने सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में तीखी बहस छेड़ दी.

सहयोगी दलों की नाराज़गी

मेधा कुलकर्णी ने अपने बचाव में कहा कि शनिवारवाड़ा धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि ऐतिहासिक धरोहर है, इसलिए यहां किसी भी प्रकार की धार्मिक गतिविधि की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. उन्होंने मांग की कि नमाज़ अदा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए. हालांकि कुलकर्णी के इस कदम को भाजपा के कुछ नेताओं का समर्थन मिला, लेकिन शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने इस पर नाराजगी  जताई.

शिवसेना की नेता नीलम गोरहे ने कहा कि शनिवारवाड़ा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के संरक्षण में आने वाला स्थल है और वहां किसी भी प्रकार की धार्मिक या राजनीतिक गतिविधि कानून के खिलाफ है. वहीं, एनसीपी की रुपाली पाटिल थोम्बरे ने मेधा कुलकर्णी पर सांप्रदायिक तनाव भड़काने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की.

ASI ने दर्ज किया मामला

इस विवाद के बाद एएसआई ने घटनास्थल पर हुए नियम उल्लंघन की जांच के लिए मामला दर्ज किया है. पुणे पुलिस ने भी कहा है कि वह एएसआई से सलाह लेकर आगे की कार्रवाई करेगी. पुणे के डीसीपी कृशिकेश रावले ने बताया कि प्रशासन मामले को गंभीरता से देख रहा है और कानून के दायरे में रहते हुए उचित कार्रवाई की जाएगी.

क्या है ऐतिहासिक महत्व?

शनिवारवाड़ा का निर्माण 1736 में पेशवाओं द्वारा कराया गया था. यह कभी मराठा साम्राज्य की राजनीतिक राजधानी था. हालांकि 1828 में आग लगने से इसका बड़ा हिस्सा नष्ट हो गया, लेकिन आज भी इसके भव्य दरवाज़े और दीवारें पुणे की ऐतिहासिक पहचान हैं. शनिवारवाड़ा विवाद ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक नई हलचल पैदा कर दी है. उपमुख्यमंत्री फडणवीस का यह स्पष्ट बयान कि “कानून से ऊपर कोई नहीं” यह संकेत देता है कि सरकार इस मामले में संतुलित और कानूनी दृष्टिकोण अपनाने के पक्ष में है.