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'हम H-1B वीजा के गुलाम हैं, बीमार मां और अमेरिका में से एक को चुनना था', ट्रंप के फैसले पर फूटा भारतीय कर्मचारियों का गुस्सा

 H-1B वीजा पर अमेरिका में काम करने वाले भारतीय और चीन के लोगों ने अपने त्योहारों की छुट्टियों और फैमिली विजिट को रद्द करते हुए अमेरिका के लिए जाने के लिए टिकट वापस कटा ली. ऐसा माना जा रहा है कि ट्रंप का यह फैसला अमेरिका की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ देगा और भारत के लिए एक नया अवसर साबित होगा.

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Sagar Bhardwaj

H-1B Visa: जैसे की अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने H1B वीजा के शुल्क में वृद्धि का ऐलान किया, पूरी दुनिया में खलबली मच गई. दुनियाभर के एयरपोर्ट्स पर अमेरिका वापस आने वाले लोगों की भीड़ लग गई. हर कोई जल्द से जल्द अमेरिका वापस लौटना चाहता था.

 H-1B वीजा पर अमेरिका में काम करने वाले भारतीय और चीन के लोगों ने अपने त्योहारों की छुट्टियों और फैमिली विजिट को रद्द करते हुए अमेरिका के लिए जाने के लिए टिकट वापस कटा ली. ऐसा माना जा रहा है कि ट्रंप का यह फैसला अमेरिका की अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ देगा और भारत के लिए एक नया अवसर साबित होगा.

दुनियाभर में खलबली मचने के बाद देर रात व्हाइट हाउस ने सफाई दी कि वीजा शुल्क में वृद्धि केवल नए आवेदकों पर लागू होगी लेकिन तब तक डैमेज हो चुका था. अमेरिका में काम करने वाली कंपनियों ने अपने कर्मचारियों को 21 सितंबर रात 12 बजे तक हर हाल में वापस लौटने का फरमान जारी कर दिया.

सैन फ्रांसिस्को हवाई अड्डे पर कई भारतीय नागरिकों ने कहा कि उन्होंने अपनी छुट्टियां इसलिए कम कर दीं कि नए नियम लागू होने के बाद उन्हें वापस आने की अनुमति नहीं मिलेगी.

बीमार मां और अमेरिका में से किसी एक को चुनना था

एक बड़ी आईटी कंपनी में कार्यरत एक इंजीनियर की पत्नी जो सैन फ्रांसिस्को से दुबई जाने वाली फ्लाइट में सवार थी ने कहा कि यह एक ऐसी स्थिति थी जिसमें हमें अपने परिवार और अमेरिका के बीच किसी एक को चुनना था.

कई भारतीयों ने इस खबर के आने के बाद फ्लाइट उतरना ही उचित समझा. इंजीनियर ने बताया कि कम से कम 5 यात्रियों को आखिरकार फ्लाइट से उतरने की अनुमति दी गई. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग विमान से उतरते हुए नजर आ रहे हैं.

इंजीनियर की पत्नी जो खुद एच-1 बी वीजा धारक हैं, अपनी बीमार मां की देखभाल के लिए भारत आ रही थीं. उन्होंने बताया कि यह बहुत दुखद है, हमने यहां अपनी जिंदगी बसाई है.

वहीं लोकप्रिय चीनी सोशल मीडिया ऐप रेडनोट पर एच-1बी वीजा पर आए लोगों ने अपने अनुभव साझा किए कि उन्हें चीन या किसी अन्य देश में उतरने के कुछ घंटों बाद ही अमेरिका वापस लौटना पड़ा.

हम एच-1बी गुलाम हैं

रेडनोट पर एक गुमनाम यूजर ने लिखा कि उनका जीवन एच-1बी गुलाम जैसा था. उसने कहा कि वह छुट्टी मनाने के लिए टोक्यो आया था लेकिन उसे तत्काल अमेरिका वापस लौटने के लिए हकीकत का फास्ट एंड फ्यूरिस करना पड़ा.

पिछले 10 सालों से Nvidia में काम करने वाले इंजीनियर ने सैन फ्रांसिस्को एयरपोर्ट पर बताया कि वह अपनी पत्नी और नवजात बच्चे के साथ छुट्टियां मनाने के लिए जापान आया था लेकिन इस खबर का पता लगते ही उसने अमेरिका वापस जाने की टिकट कटा ली. यह हैरान करने वाला था, मुझे इस बात पर यकीन नहीं हो रहा था.

अब एच1बी वीजा के लिए चुकाने होंगे 100,000 रुपए

गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को एच1बी वीजा की फीस को बढ़ाकर सालाना 100,000 रुपए डॉलर कर दिया गया है. ट्रंप के इस फैसले का उद्देश्य विदेशी कुशल श्रमिकों के लिए अमेरिका में काम करने के अवसर बंद करते हुए अमेरिकियों के लिए रोजगार के अवसर खोलना है.