हार्मुज जलडमरूमध्य पार कर कांडला पहुंचा भारतीय LPG जहाज जग विक्रम, युद्धविराम के बाद तय किया पहला सफल सफर
भारतीय झंडे वाला LPG जहाज जग विक्रम हार्मुज जलडमरूमध्य पार करने के बाद सुरक्षित रूप से गुजरात के कांडला बंदरगाह पहुंच गया है. जहाज पर 20,400 मीट्रिक टन LPG था और 24 नाविक सवार थे. यह अमेरिका-ईरान युद्धविराम के बाद हार्मुज से गुजरने वाला पहला भारतीय जहाज है.
नई दिल्ली: भारतीय झंडे वाला LPG कैरियर जहाज ‘जग विक्रम’ अमेरिका और ईरान के बीच घोषित 14 दिन के युद्धविराम के बाद हार्मुज जलडमरूमध्य को पार कर गुजरात के कांडला बंदरगाह पर सुरक्षित पहुंच गया है. 14 अप्रैल को पहुंचे इस जहाज में 20,400 मीट्रिक टन तरल पेट्रोलियम गैस (LPG) लदा हुआ था. जहाज 11 अप्रैल को सामरिक रूप से महत्वपूर्ण हार्मुज जलडमरूमध्य से गुजरा था. इस दौरान उसके बोर्ड पर 24 भारतीय नाविक मौजूद थे. केंद्र सरकार के एक अंतर-मंत्रालयीय ब्रिफिंग में अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने इसकी पुष्टि की. उन्होंने बताया कि यह युद्धविराम घोषित होने के बाद हार्मुज से गुजरने वाला पहला भारतीय जहाज है.
हार्मुज पार करने की सफल यात्रा
जग विक्रम जहाज ने 11 अप्रैल को हार्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी घटना के पार किया. यह क्षेत्र पिछले दिनों अमेरिका-ईरान तनाव के कारण काफी संवेदनशील बना हुआ था. जहाज पर सवार 24 नाविकों की सुरक्षा को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क थी. सफलतापूर्वक कांडला बंदरगाह पहुंचने के बाद जहाज में लदी LPG की उतराई की प्रक्रिया शुरू हो गई है. इस यात्रा को भारतीय शिपिंग उद्योग के लिए राहत भरा संकेत माना जा रहा है क्योंकि हार्मुज विश्व के तेल और गैस व्यापार का महत्वपूर्ण रास्ता है.
सरकार की तैयारियां और नाविकों की सुरक्षा
अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने बताया कि भारतीय जहाजों की आवाजाही पिछले 24 घंटों में सामान्य रही है और किसी भी भारतीय झंडे वाले जहाज से जुड़ी कोई घटना रिपोर्ट नहीं हुई है. सरकार प्रभावित क्षेत्रों से भारतीय नाविकों को सुरक्षित स्वदेश लाने में लगी हुई है. अब तक 2,177 से ज्यादा भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है, जिनमें पिछले 24 घंटे में ही 93 नाविक शामिल हैं. केंद्र सरकार लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है और नाविकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है.
अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों पर लगाई पूर्ण नाकाबंदी
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने घोषणा की है कि ईरान के सभी बंदरगाहों पर पूर्ण समुद्री नाकाबंदी लागू कर दी गई है. CENTCOM कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि अमेरिकी बलों ने मध्य पूर्व में समुद्री श्रेष्ठता बनाए रखते हुए ईरान के बंदरगाहों को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया है. इससे ईरान की अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ा है क्योंकि उसकी लगभग 90 प्रतिशत अर्थव्यवस्था समुद्री व्यापार पर निर्भर है. नाकाबंदी लागू होने के 36 घंटे के अंदर ही ईरान के बंदरगाहों से आने-जाने वाले सभी व्यापारिक जहाजों की आवाजाही रोक दी गई है.
भारतीय शिपिंग पर असर और भविष्य की स्थिति
भारतीय अधिकारियों ने कहा कि फिलहाल भारतीय जहाजों की आवाजाही पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है. जग विक्रम की सफल यात्रा इस बात का सबूत है कि युद्धविराम के बावजूद महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों पर निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा रही है. सरकार ने सभी भारतीय जहाजों को सतर्क रहने और आवश्यक सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करने की सलाह दी है. आने वाले दिनों में स्थिति पर नजर रखते हुए भारतीय शिपिंग कंपनियां और सरकार मिलकर नाविकों की सुरक्षा और व्यापार की निरंतरता सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही हैं.
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