देश में खत्म होगा LPG संकट! भारत ने UAE के साथ कर ली ये बड़ी डील, ईरान हमले पर क्या बोले पीएम मोदी?
ईरान-अमेरिका टेंशन के बीच प्रधानमंत्री मोदी यूएई की आधिकारिक यात्रा पर हैं. इस दौरान दोनों देशों के बीच एलपीजी समेत अन्य मुद्दों पर समझौता हुआ है.
नई दिल्ली: ईरान में चल रहे टेंशन की वजह से ग्लोबल एनर्जी को लेकर दुनिया भर में टेंशन बढ़ गई है. इसी बीच भारत और संयुक्त अरब अमीरात(UAE) ने एक अहम एनर्जी डील कर ली है. इससे भारत की LPG सप्लाई सिक्योर करने में मदद मिल सकती है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह डील भारत को ऐसे समय में बड़ी राहत दे सकती है जब दुनिया भर में फ्यूल की शॉर्टेज और एनर्जी के बढ़ते दाम का डर बढ़ रहा है.
हॉर्मुज को लेकर क्या बोले पीएम मोदी?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अभी UAE की ऑफिशियल यात्रा पर हैं. अपनी इसी यात्रा के दौरान प्रधानमंती ने ईरान के हालिया हमलों की कड़ी आलोचना की है और इस क्षेत्र में शांति और स्थिरता की जरूरत पर जोर दिया है. प्रधानमंत्री ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से सुरक्षित आवाजाही बहुत अहम हो गई है क्योंकि यह तेल और गैस परिवहन के लिए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण रास्ते में से एक है.
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि भारत मिडिल-ईस्ट में शांति बहाल करने के मकसद से किए जा रहे हर संभव प्रयास का समर्थन करने के लिए तैयार है. अधिकारियों की मानें तो भारत और UAE दोनों ने न केवल ऊर्जा सहयोग, बल्कि अपनी व्यापक पॉलिटिकल और डिफेंस पार्टनरशिप को भी मजबूत करने पर सहमति जताई है.
एलपीजी सप्लाई पर बड़ी डील
प्रधानमंत्री की इस यात्रा की सबसे बड़ी खासियतों में से एक LPG स्पलाई और डिप्लोमैटिक पेट्रोलियम स्टोरेज से संबंधित डील थी. उम्मीद है कि यह समझौता वैश्विक अनिश्चितता के इस दौर में भारत की ऊर्जा सुरक्षा को बेहतर बनाएगा. चूंकि भारत अपनी कच्चे तेल और खाना पकाने की गैस की जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा इंपोर्ट करता है, इसलिए स्थिर आपूर्ति बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बन गया है.
यह समझौता भारत को अपने ऊर्जा स्रोतों में वर्सटैलिटी लाने और वैश्विक शिपिंग मार्गों में रुकावटों से जुड़े जोखिमों को कम करने में भी मदद करेगा. होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावित करने वाले तनाव के चलते देश दीर्घकालिक फ्यूल सिक्योरिटी और सप्लाई चेन की स्टेबिलिटी को लेकर ज्यादा अलर्ट है.
ऊर्जा के अलावा यूएई का बड़ा ऐलान
एनर्जी पार्टनरशिप के अलावा UAE ने भारत में भारी निवेश करने की योजनाओं का भी ऐलान किया है. रिपोर्ट्स के अनुसार यह खाड़ी देश भारत में लगभग 5 अरब डॉलर का निवेश कर सकता है, जिसमें भारत के इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट और अन्य क्षेत्रों जिसमें लॉजिस्टिक्स और डेवलपमेंट भी शामिल हैं. उम्मीद है कि ये निवेश दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और भी मजबूत करेगा.
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी की UAE यात्रा केवल कुछ घंटों की ही थी जिसके बाद उन्होंने अपना यूरोप दौरा जारी रखा है. वहीं विश्लेषकों का कहना है कि इस यात्रा के दौरान किए गए समझौते भारत को भविष्य की ऊर्जा रुकावटों से बचाने और दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक सहयोग को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं.