कैसे रखा गया चक्रवात 'मोन्था' का नाम, क्या है इसका मतलब?
उत्तर हिंद महासागर क्षेत्र में आने वाले चक्रवातों के नाम इस क्षेत्र के देशों द्वारा सुझाए गए नामों की सूची में से चुना जाता है.
अरब सागर के ऊपर बने नए चक्रवाती तूफान, चक्रवात मोन्था के 28 अक्तूबर को आंध्र प्रदेश के तट पर पहुंचने की संभावना है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने यह जानकारी दी. अधिकारियों ने कहा कि ओडिशा भी मोन्था से प्रभावित हो सकता है.
मौसम विभाग ने कहा कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बन गया है और अगले कुछ दिनों में इस दबाव के मजबूत होने की संभावना है.
चक्रवात का नाम कैसे पड़ा मोन्था
उत्तर हिंद महासागर क्षेत्र में आने वाले चक्रवातों के नाम इस क्षेत्र के देशों द्वारा सुझाए गए नामों की सूची में से चुना जाता है. इस बार चक्रवात का नाम मोन्था थाईलैंड ने दिया है. थाईलैंड हिंद महासागर क्षेत्र में आने वाले 13 देशों में शामिल है. थाई भाषा में मोन्था का मतलब खुशबूदार फूल और सुंदर फूल होता है.
हर देश 13 नामों की सूची देता है और इस तरह कुल 169 नामों की लिस्ट तैयार होती है. जब नया चक्रवात बनता है तो आईएमडी इस लिस्ट में से एक नाम को चुनता है.
कहां टकराएगा चक्रवात मोन्था
चक्रवात मेन्था को लेकर आईएमडी ने आंध्र प्रदेश के 26 जिलों में से 23 जिलों में रेड व ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. चक्रवात मोन्था उत्तर पश्चिम दिशा में आंध्र प्रदेश के तट की तरफ बढ़ रहा है और इसके 28 अक्तूबर को मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच काकीनाडा से टकराने की संभावना है.
इन राज्यों में जारी हुआ अलर्ट
चक्रवात मोन्था के कारण आईएमडी ने तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, पुदुचेरी में हाई अलर्ट जारी किया है. वहीं चक्रवात के कारण 28 और 29 अक्तूबर को ओडशा के गंजम, गजपति, रायगढ़. कोरापुट और मलकानगिरी जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है.