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Har Ghar Tiranga 2025: 'हर घर तिरंगा' अभियान में कैसे लें भाग? सेल्फी अपलोड करने से लेकर डिजिटल प्रमाण पत्र तक, यहां जानें सब कुछ

इस साल देश अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस मन रहा है.  जैसे- जैसे 15 अगस्त की तारीख करीब आ रही है वैसे- वैसे "हर घर तिरंगा" अभियान एक बार फिर देशवासियों के दिलों में देशभक्ति की लौ जगा रहा है.

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Garima Singh

Har Ghar Tiranga 2025: इस साल देश अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है. जैसे- जैसे 15 अगस्त की तारीख करीब आ रही है वैसे- वैसे "हर घर तिरंगा" अभियान एक बार फिर देशवासियों के दिलों में देशभक्ति की लौ जगा रहा है. यह अभियान प्रत्येक भारतीय को अपने घर पर तिरंगा फहराने का न्योता देता है, जो न केवल स्वतंत्रता के प्रतीक को सम्मान देता है, बल्कि नागरिकों और राष्ट्रीय ध्वज के बीच एक गहरा भावनात्मक रिश्ता भी स्थापित करता है. 2025 में भारत अपने आजादी का 78 साल पूरा  होने का उत्सव मना रहा है.

इस साल "हर घर तिरंगा" अभियान का चौथा संस्करण हर भारतीय से आग्रह करता है कि वे अपने घर पर राष्ट्रीय ध्वज फहराएं और इसे देशभक्ति के एक पवित्र कार्य के रूप में अपनाएं. इस अभियान के तहत नागरिकों को अपनी तिरंगा सेल्फी शेयर करने और अभियान के राजदूत बनने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है. संस्कृति मंत्रालय द्वारा डिजिटल बैज और प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे, जो उनकी भागीदारी को और विशेष बनाएंगे. 'आजादी के अमृत महोत्सव' के अंतर्गत 2022 में शुरू हुआ यह अभियान अब एक जन आंदोलन बन चुका है. इसका उद्देश्य तिरंगे को केवल एक औपचारिक प्रतीक से कहीं अधिक बनाना है – यह अब राष्ट्रीय गौरव और एकता की व्यक्तिगत अभिव्यक्ति है.

स्वयंसेवी कार्यक्रम: अभियान को नई ऊंचाइयां

इस साल संस्कृति मंत्रालय ने "हर घर तिरंगा" स्वयंसेवी कार्यक्रम के साथ इस पहल को और व्यापक बनाया है. देशभर के स्वयंसेवक 2 अगस्त से शुरू होने वाले इस अभियान को गली-मोहल्लों तक ले जा रहे हैं. वे घर-घर जाकर तिरंगा फहराने में सहायता कर रहे हैं, झंडे वितरित कर रहे हैं और लोगों को अभियान के पोर्टल पर अपनी सेल्फी अपलोड करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं. इसके साथ ही, स्वयंसेवकों को उनके योगदान के लिए आधिकारिक प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे. सबसे अधिक योगदान देने वाले स्वयंसेवकों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा, जो इस अभियान को और प्रेरणादायी बनाता है.

देशभक्ति के साथ सशक्तिकरण की कहानी

यह अभियान केवल देशभक्ति तक सीमित नहीं है; यह सामाजिक और आर्थिक परिवर्तन का भी प्रतीक है. उत्तर प्रदेश में, राज्य सरकार ने शहरी गरीब समुदायों में 60 लाख तिरंगे निःशुल्क वितरित करने की योजना बनाई है. ये झंडे स्थानीय स्वयं सहायता समूहों (SHG) द्वारा निर्मित किए जा रहे हैं, जिससे लगभग 29,000 महिलाओं को रोजगार और सशक्तिकरण का अवसर मिल रहा है.

यूपी में इस साल फहराए जाएंगे 4.6 करोड़ से अधिक तिरंगे 

उत्तर प्रदेश में इस वर्ष 4.6 करोड़ से अधिक तिरंगे फहराए जाएंगे. रैलियों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और झंडा उत्सवों के माध्यम से जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है. वाराणसी में, महिला स्वयं सहायता समूहों ने 2.5 लाख झंडे तैयार किए हैं, जो इस अभियान को देशभक्ति के साथ-साथ सशक्तिकरण का प्रतीक बनाते हैं. मध्य प्रदेश में, तिरंगे के इर्द-गिर्द रैलियां, स्वच्छता अभियान और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, जो नागरिक सहभागिता और राष्ट्रीय पहचान को और मजबूत कर रहे हैं.