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क्या लाइफ जैकेट वाकई में होता है सेफ? बरगी हादसे ने खड़े किए बड़े सवाल; जानें एक्सपर्ट की राय

लाइफ जैकेट को लेकर एक्सपर्ट्स का कहना है कि सही गुणवत्ता, सही साइज और सही तरीके से पहनी गई हो तो जान बचा सकती है. चलिए जानते हैं लाइफ जैकेट कितना सुरक्षित है.

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Km Jaya

जबलपुर: जबलपुर के बरगी डैम में हुए दर्दनाक हादसे के बाद लाइफ जैकेट की सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. हादसे के बाद सामने आई एक तस्वीर ने सभी को झकझोर दिया, जिसमें पानी की सतह पर एक महिला और एक मासूम बच्चा लाइफ जैकेट पहने हुए नजर आए, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी. इसके बाद लोग जानना चाहते हैं कि आखिर लाइफ जैकेट कितनी सुरक्षित होती है और किन परिस्थितियों में यह काम नहीं करती है.

एक्सपर्ट्स के मुताबिक सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि हर लाइफ जैकेट एक जैसी नहीं होती है. बाजार और नावों में आमतौर पर दो तरह की लाइफ जैकेट इस्तेमाल होती हैं. पहली सोलास अप्रूव्ड लाइफ जैकेट और दूसरी सामान्य बाउंसी जैकेट. दोनों की सुरक्षा क्षमता अलग होती है.

सोलास अप्रूव्ड लाइफ जैकेट की क्या है खासियत?

सोलास अप्रूव्ड लाइफ जैकेट अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के तहत बनाई जाती है. सोलास का मतलब सेफ्टी ऑफ लाइफ एट सी है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि अगर कोई व्यक्ति पानी में गिर जाए और बेहोश हो जाए, तब भी यह जैकेट शरीर को पीठ के बल सीधा कर देती है और सिर को पानी से ऊपर रखती है. इससे डूबने का खतरा काफी कम हो जाता है.

वहीं सामान्य बाउंसी जैकेट केवल शरीर को पानी में तैराए रखने में मदद करती है. यह शरीर की स्थिति को नियंत्रित नहीं कर पाती. अगर कोई व्यक्ति उल्टा गिर जाए और उसका चेहरा पानी की तरफ हो, तो यह जैकेट उसे सीधा नहीं कर पाएगी. ऐसी स्थिति में कुछ इंच पानी भी जानलेवा हो सकता है.

एक्सपर्ट्स ने क्या बताया?

एक्सपर्ट्स ने बताया कि कई लोग हादसे के समय घबराहट में आखिरी वक्त पर लाइफ जैकेट पहनते हैं. जल्दबाजी में पहनी गई जैकेट सही तरीके से लॉक नहीं होती और उसके स्ट्रैप ढीले रह जाते हैं. ऐसे में पानी में गिरते ही जैकेट खिसक सकती है. कई मामलों में लोग नाव के टूटे हिस्सों, जाल या मलबे में फंस जाते हैं. ऐसी स्थिति में लाइफ जैकेट होने के बावजूद व्यक्ति पानी के अंदर फंसा रह सकता है.

हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि सही साइज की और सही तरीके से पहनी गई लाइफ जैकेट डूबने के खतरे को काफी कम करती है. कई रिपोर्ट्स में सामने आया है कि जल हादसों में 80 से 85 फीसदी मौतें उन लोगों की होती हैं जिन्होंने लाइफ जैकेट नहीं पहनी होती है.