खाटू धाम में एक बार फिर हुआ विवाद, गेस्ट हाउस संचालकों में जमकर चले लात-घूंसे; CCTV में कैद हुई घटना

खाटू धाम में एक बार फिर हिंसा की घटना सामने आई है. शुक्रवार 2 मई को यहां गेस्ट हाउस संचालकों के बीच आपसी रंजिश ने हिंसक रूप ले लिया. दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट और तोड़फोड़ हुई. इस घटना का ढाई मिनट का CCTV वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पूरी वारदात कैद है. 

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Antima Pal

राजस्थान: राजस्थान के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटू धाम में एक बार फिर हिंसा की घटना सामने आई है. शुक्रवार 2 मई को यहां गेस्ट हाउस संचालकों के बीच आपसी रंजिश ने हिंसक रूप ले लिया. दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट और तोड़फोड़ हुई. इस घटना का ढाई मिनट का CCTV वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पूरी वारदात कैद है. 

खाटू धाम में एक बार फिर हुआ विवाद

पुलिस ने मामले में तुरंत कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. बाकी आरोपियों की तलाश जारी है. पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद श्रीकृष्णम गेस्ट हाउस को सीज भी कर दिया है. 

विवाद की वजह क्या थी?

जानकारी के अनुसार यह पूरा विवाद पुरानी रंजिश और कर्मचारियों के दल-बदल को लेकर शुरू हुआ. कुछ गेस्ट हाउस संचालक दूसरे के कर्मचारियों को अपनी तरफ करने की कोशिश कर रहे थे, जिससे तनाव बढ़ गया. इस रंजिश ने आखिरकार हिंसक रूप ले लिया. आरोपियों ने गाड़ियों से आकर श्रीकृष्णम गेस्ट हाउस में अवैध तरीके से घुसकर तोड़फोड़ शुरू कर दी. उन्होंने वहां मौजूद लोगों पर हमला भी किया. CCTV फुटेज में साफ दिख रहा है कि कैसे लोग लाठियों और अन्य हथियारों से मारपीट कर रहे हैं. 

पुलिस की कार्रवाई

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मुख्य आरोपियों की पहचान की और तीन लोगों को तुरंत हिरासत में ले लिया. अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए छापेमारी जारी है. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है. 

जांच अधिकारी ने कहा कि 'अशांति फैलाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.' घटना के बाद कुछ आरोपियों ने माफी मांग ली है, लेकिन पुलिस अब पूरे मामले की गहन जांच कर रही है. खाटू धाम में पहले भी ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं, जिसकी वजह से श्रद्धालुओं में रोष है. खाटू श्यामजी मंदिर में साल भर श्रद्धालु आते रहते हैं. खासकर सावन महीने में यहां भीड़ बहुत ज्यादा होती है. ऐसे में गेस्ट हाउस संचालकों के बीच इस तरह की हिंसा से तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को खतरा पैदा होता है.