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Heatwave: 3 राज्य, 36 घंटे और 22 मौतें, इस लू से कैसे बचाएं जान? एक्सपर्ट्स से जानिए

हीटवेव का कहर दिल्ली से लेकर बिहार तक देखने को मिल रहा है. कई राज्यों में आसमान से बरस रही धूप लोगों की जान ले रही है. कश्मीर से कन्याकुमारी तक के लोग बेहाल हैं. कई राज्यों में पानी का संकट है. इस मौसम में कैसे अपनी जान बचाएं, आइए जानते हैं.

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हीटवेव अब कई राज्यों में लोगों की जान पर भारी पड़ रहा है. ओडिशा में बीते 24 घंटों के अंदर गुरुवार को 10 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 6 महिलाएं शामिल हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि इनकी मौत, लू लगने से हुई है.  बिहार में 9 लोगों की मौत हो गई, वहीं झारखंड में 3 लोगों की मौत हुई है. नागपुर में 20 लोगों की मौत 24 मई से लेकर 30 मई के बीच में हुई थी. ज्यादातर लोगों की मौत पर ये शक है कि लू ने इनकी जान ले ली है. 

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक ओडिशा में सभी मौतें राउरकेला सरकारी अस्पताल में गुरुवार को दोपहर 1.30 बजे से रात 8.40 बजे के बीच हुईं हैं. राउरकेला में गुरुवार को आसमानी आफत जमकर बरसरी है. यहां का अधिकतम तापमान 44.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था.

मरने वालों की उम्र 23 साल से लेकर 70 साल के बीच तक की थी. छह मृत महिलाओं की आयु 30 से 69 वर्ष के बीच थी. अस्पताल प्रशासन का कहना है कि 10 मरीजों में से 8 की मौत हो गई और 2 की मौत इलाज के दौरान हुई. यह मौतें हीट स्ट्रोक की वजह से हो सकती हैं. हालात ये हैं कि परिजन पोस्टमार्टम तक कराने को नहीं तैयार हैं, जिससे कारण पता चल सके. 

बिहार में अधिकतम तापमान 57.1 डिग्री सेल्सियस तक गुरुवार को पहुंच गया था. यहां 5 पोलिंग अधिकारियों की मौत हो गई थी. भोजपुर, बक्सर, रोहतास, अरवल, बेगूसराय और पटना में मौतें ही हैं. भोजपुर के जिला मजिस्ट्रेट ने कहा है कि सभी सुविधाओं की बाद भी अधिकारियों को बचाया नहीं जा सका. अगर ऐसे ही मौतें होती रहीं तो किसी को बचा पाना बेहद मुश्किल है.

आसमानी आफत से कैसे बचाएं अपनी जान?

आयशा हेल्थकेयर हॉस्पिटल, सिद्धार्थनगर के चीफ डॉक्टर शाहिद अख्तर बताते हैं कि कमजोर इम्युनिटी के मरीज कुछ भी कर लें, उनके लिए धूप में निकला खतरे से खाली नहीं है. महिलाओं और बच्चों के लिए यह हीट स्ट्रोक जानलेवा है. गर्भवती महिलाएं भूलकर भी कड़ी धूप में न निकलें. उन्होंने कुछ सलाह दी है कि कैसे हीट स्ट्रोक से बच सकते हैं. डॉ. शाहिद ने कहा है कि धूप में कम से कम निकलें, यही सबसे सही इलाज है. 

- ढीले-ढाले हल्के कपड़े पहनें और जब भी धूप में निकलें, छाते का इस्तेमाल जरूरत करें.
- दोपहर के वक्त अपने घरों की खिड़कियां बंद रखें, जिससे धूप न आने पाए.
- कमरे का तापमान कम रखें, बेवजह धूप में जाने से बचें.
- ज्यादा पानी पीएं, शरीर में पानी की कमी न होने दें.
- हैट पहनें और धूप में निकलते वक्त काला चश्मा जरूर पहनें. 
- लिक्विड डाइट लेते रहें, पानीदार फल खाएं.
- घबराहट, ज्यादा पसीना और थकावट होने पर तत्काल अपने नजीदीकी डॉक्टर से संपर्क करें.
- गर्मी में कम से कम निकलें.
- अपनी मर्जी से दवाइयां न लें. अगर आपको मितली या उल्टी आ रही है तो तत्काल ORS घोल पीएं. यह प्राथमिक चिकित्सा है लेकिन अपने डॉक्टर से संपर्क जरूर करें.