'GST जबरन वसूली का हथियार, अडाणी-अंबानी को फायदा पहुंचाना मकसद', राहुल गांधी का केंद्र पर हमला

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर से राज्य का दर्जा छीन लिया है ताकि 'बाहरी लोगों को फायदा पहुंचाया जा सके' और 'स्थानीय लोगों की समृद्धि को नष्ट किया जा सके.' जम्मू में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने ये बात कही. 

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India Daily Live

Jammu Kashmir News: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को कहा कि मोदी सरकार ने जम्मू-कश्मीर से राज्य का दर्जा छीन लिया है ताकि 'बाहरी लोगों को फायदा पहुंचाया जा सके' और 'स्थानीय लोगों की समृद्धि को नष्ट किया जा सके.' जम्मू में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने ये बात कही. 

राहुल गांधी ने कहा कि वे लोग (मोदी सरकार) चाहते हैं कि जम्मू-कश्मीर का प्रशासन बाहरी लोगों द्वारा किया जाए, न कि स्थानीय लोगों द्वारा. यहां का सारा काम लेफ्टिनेंट गवर्नर के माध्यम से होता है और जम्मू-कश्मीर के लोगों की समृद्धि को नष्ट किया गया है.'

बहाल करेंगे जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा
गांधी ने कहा कि विपक्षी INDIA गठबंधन अपनी पूरी ताकत के साथ जम्मू-कश्मीर में राज्य का दर्ज बहाल करने का प्रयास करेगा. उन्होंने कहा कि इसके लिए हम लोकसभा, राज्यसभा और अगर जरूरत पड़ी तो सड़कों पर भी उतरेंगे.'  कांग्रेस नेता ने कहा कि यह आपका अधिकार है. उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद कभी भी किसी राज्य को केंद्र शासित प्रदेश में नहीं बदला गया. राहुल गांधी का यह बयान गृह मंत्री अमित शाह के हालिया बयान के दो हफ्ते बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि जम्मू कश्मीर के राज्य का दर्जा केवल भारत सरकार द्वारा ही बहाल किया जा सकता है.

जीएसटी शोषण का हथियार
जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) की आलोचना करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि जीएसटी शोषण करने का एक हथियार है जो छोटे और मध्यम व्यवसायों को बंद करने और अडानी और अंबानी जैसे अरबपतियों के लिए रास्ता तैयार करने के लिए बनाया गया है. उन्होंने कहा पूरी सरकार उनके कल्याण के लिए काम कर रही है. इससे जम्मू-कश्मीर में छोटे और मध्यम व्यवसायों की रीढ़ टूट गई है.

रोजगार के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि युवा तब ही नौकरी पाएंगे जब छोटे और मध्यम व्यवसायों को पनपने दिया जाए. राहुल गांधी ने कहा कि देश में अडाणी-अंबानी के लिए भी जगह होनी चाहिए लेकिन देश के सारे संसाधनों को उनके हाथ में नहीं जाने दिया जा सकता.