T20 World Cup 2026

तिहाड़ जेल में बंद गैंगस्टर काला जठेड़ी की मां की मौत, दवा समझकर पिया जहर

गैंगस्टर काला जठेड़ी की मां कमला देवी की जहर पीने से मौत हो गई. बताया जा रहा है कि उसकी मां बीमार थी और उसने गलती से कीटनाशक को दवा समझकर पी लिया. तबीयत बिगड़ने उसे अस्पताल ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया. कमला देवी का कल अंतिम संस्कार किया जाएगा, तिहाड़ में बंद जठेड़ी अपनी मां के अंतिम संस्कार में शामिल हो सकता है.

social media
India Daily Live

Delhi News: जुर्म की दुनिया का बड़ा नाम संदीप उर्फ गैंगस्टर काला जठेड़ी की मां की जहर पीने से मौत हो गई. हालात बिगड़ने पर उसे तुरंत निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. मामले की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया. अब पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.

कीटनाशक को दवा समझकर खाया
बताया जा रहा है कि काला जठेड़ी की मां कमला देवी बीमार थी और उसने धोखे से कीटनाशक को दवा समझकर खा लिया, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई और अस्पताल में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया.

कल होगा अंतिम संस्कार
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, कमला देवी का गुरुवार को अंतिम संस्कार किया जाएगा. काला जठेड़ी कल अपनी मां के अंतिम संस्कार में शामिल हो सकता है. खबरों की मानें तो गांव जठेड़ी की रहने वाली काला जठेड़ी की मां कमलेश ने अपने घर पर ही जहर पीकर जान दे दी. बता दें कि जठेड़ी तिहाड़ जेल में बंद है, उसने हाल ही में लेडी डॉन अनुराधा से शादी रचाई थी.

मकोका के तहत जेल में बंद है जठेड़ी
बता दें कि गैंगस्टर काला जठेड़ी जुर्म की दुनिया के बड़े नामों में गिना जाता है. उस पर दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान में 30 से ज्यादा मामले दर्ज हैं.  इन अपराधों में हत्या, फिरौती, रंगदारी, हत्या का प्रयास जैसे मामले शामिल हैं. काला जठेड़ी को 30 जुलाई 2021 को यूपी के सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया था. उस पर दिल्ली पुलिस ने महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट (मकोका) लगाया हुआ है. काला जठेड़ी के गैंग में सैकड़ों की संख्या में शूटर्स शामिल हैं.

12वीं पास जठेड़ी कभी केबल ऑपरेटर का काम करता था, लेकिन उसके बाद उसने बड़ा नाम कमाने के लिए जुर्म के रास्ते को चुना. साल 2004 में उसके खिलाफ झपटमारी का मामला दर्ज हुआ था. कुछ ही सालों में उसका नाम हरियाणा के सांपला और फिर गोहाना में हुई हत्याओं में सामने आया जिसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा.