West Bengal Assembly Election 2026 Assembly Election 2026

'मूर्खतापूर्ण आत्मविश्वास', लोकसभा में दिए गए भाषण को लेकर राहुल गांधी पर वित्त मंत्री ने साधा निशाना, सुना दी खरी-खरी

उन्होंने कहा, "राहुल गांधी यह स्वीकार रहे हैं कि यूपीए सरकार युवाओं के लिए रोजगार नहीं प्रदान कर पाई, लेकिन यह स्वीकारोक्ति काफी नहीं है. यूपीए के शासनकाल में भारत की अर्थव्यवस्था बुरी स्थिति में थी, और उस दौरान कई आर्थिक अपराधी भारत से बाहर भाग गए थे."

Social Media
Gyanendra Tiwari

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर सोमवार को तीखा हमला बोला, उन्हे "मूर्खतापूर्ण आत्मविश्वास" रखने वाला बताया. यह बयान राहुल गांधी के उस भाषण के बाद आया, जिसमें उन्होंने भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को लेकर चीन के बढ़ते प्रभुत्व पर सवाल उठाए थे. राहुल गांधी ने लोकसभा में कहा था कि चीन ने वैश्विक उत्पादन में अपना दबदबा बना लिया है, जबकि भारत इस क्षेत्र में पीछे रह गया है.

राहुल गांधी का बयान और वित्त मंत्री का जवाब

राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान कहा कि भारत ने उत्पादन में रुचि नहीं दिखाई, जिसके कारण चीन अब भारतीय सीमा के भीतर घुसपैठ कर चुका है. उन्होंने यह भी कहा कि चीन अब वैश्विक उत्पादन का प्रमुख केंद्र बन चुका है और भारत इससे लगभग एक दशक पीछे है.

इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, "राहुल गांधी तथ्यहीन बातें करते हैं. वह विपक्षी नेता हैं और उन्हें लगता है कि अगर वह बिना तथ्यों के बोलें, तो दुनिया उन्हें सुनेगी."

सीतारमण ने कांग्रेस पार्टी पर हमला करते हुए कहा कि यूपीए शासन के दौरान भारत के मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र को सशक्त करने के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए. उन्होंने कांग्रेस से यह सवाल भी किया कि वह चीन के साथ किए गए समझौते को सार्वजनिक क्यों नहीं करती और यह क्यों नहीं बताती कि कांग्रेस के शासन में चीन ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख से कितनी जमीन ली.

राहुल गांधी पर वित्त मंत्री की कड़ी टिप्पणी

राहुल गांधी द्वारा यह कहा गया कि भारत अब उपभोग-आधारित अर्थव्यवस्था बन चुका है, जिससे कुछ कारोबारी लाभान्वित होंगे. इस पर सीतारमण ने कहा, "देखिए, वह कितना मूर्खतापूर्ण आत्मविश्वास के साथ खड़े होते हैं."

राहुल गांधी ने यह भी कहा था कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का कोई मतलब नहीं है यदि डेटा नहीं है और चीन के पास उस डेटा का नियंत्रण है, जो उन्नत मैन्युफैक्चरिंग के लिए आवश्यक है. इस पर सीतारमण ने भारत के स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में किए गए विकास का उदाहरण दिया और कहा, "आपके शासनकाल में क्या हुआ? आपने एक भी यूनिट नहीं बनाई. हमें पांच साल अपने शासन के बाद आपकी सरकार द्वारा छोड़ी गई गड़बड़ियों को ठीक करने में लगाए."

राहुल गांधी की आलोचना और UPA के शासन का दोषारोपण

सीतारमण ने राहुल गांधी के उस बयान का भी जवाब दिया जिसमें उन्होंने बेरोजगारी के मुद्दे पर केंद्र और यूपीए दोनों सरकारों की आलोचना की थी. वित्त मंत्री ने कहा, "यूपीए के शासन में तो कुछ नहीं हुआ था. उस समय अर्थव्यवस्था पूरी तरह से ठप हो गई थी, बैंकों को भारी नुकसान हुआ था, और कई उद्योगपति देश छोड़कर चले गए थे."

भारत की आर्थिक प्रगति का बचाव

सीतारमण ने मोदी सरकार के कार्यकाल में हुई प्रगति का बचाव करते हुए कहा कि अब भारत पांचवें स्थान पर है और अगले दो सालों में यह तीसरे स्थान तक पहुंचने वाला है. उन्होंने यह भी बताया कि प्रवर्तन निदेशालय के सहयोग से कई आर्थिक अपराधियों की संपत्ति जब्त कर बैंकों को 22,000 करोड़ रुपये वापस मिले हैं.

सीमा विवाद और चीन के खिलाफ राहुल गांधी के आरोप

राहुल गांधी ने भारत-चीन सीमा विवाद के संदर्भ में आरोप लगाया कि चीन ने भारतीय भूमि के 4,000 वर्ग किमी से अधिक हिस्से पर कब्जा कर लिया है, जबकि सरकार का कहना है कि कोई जमीन नहीं खोई है. इस पर वित्त मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी को आर्थिक मामलों पर बोलने का अधिकार नहीं है और उनके आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं.