'दिल्ली विस्फोट के षड्यंत्रकारियों को बख्शा नहीं जाएगा', भूटान में प्रधानमंत्री मोदी ने दिया सख्त संदेश
दिल्ली के लाल किले के पास हुए विस्फोट के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूटान से सख्त चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि इस हमले के पीछे जो भी लोग हैं, उन्हें किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा.
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को दिल्ली में लाल किले के पास हुए आत्मघाती बम विस्फोट में नौ लोगों के मारे जाने के बाद कड़ी चेतावनी दी. भूटान के थिम्पू में बोलते हुए उन्होंने कहा. इसके पीछे के षड्यंत्रकारियों को बख्शा नहीं जाएगा. सभी ज़िम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा. प्रधानमंत्री राजा जिग्मे सिंग्ये वांगचुक के 70वें जन्मदिन समारोह में शामिल होने के लिए पड़ोसी देश की दो दिवसीय यात्रा पर आज थिम्पू पहुंचे.
एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने विस्फोट को भयावह बताया और कहा कि वह प्रभावित परिवारों के दुःख को समझते हैं. उन्होंने कहा, आज पूरा देश उनके साथ खड़ा है. मैं कल रात भर इस घटना की जांच कर रही सभी एजेंसियों के संपर्क में था. हमारी एजेंसियां इस साजिश की तह तक पहुंचेंगी.
'जिम्मेदार लोगों को माफ नहीं किया जाएगा'
प्रधानमंत्री, जो अब तक हिंदी में बोल रहे थे, ने अंग्रेजी में कहा, सभी जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में लाया जाएगा. पिछली बार प्रधानमंत्री मोदी ने अचानक हिंदी से अंग्रेजी में तब बात की थी जब उन्होंने 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद राष्ट्र के नाम अपना पहला संबोधन दिया था. उस संबोधन में उन्होंने कहा, भारत प्रत्येक आतंकवादी और उनके समर्थकों की पहचान करेगा, उनका पता लगाएगा और उन्हें दंडित करेगा..
कुछ हफ्ते बाद, भारत ने जवाबी कार्रवाई के तौर पर ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया और पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में स्थित आतंकी शिविरों को निशाना बनाया. तीनों सेनाओं के बीच समन्वय के एक दुर्लभ प्रदर्शन में, थलसेना, नौसेना और वायुसेना ने संयुक्त रूप से इस बहु-क्षेत्रीय हमले को अंजाम दिया .
जैश-ए-मोहम्मद से धमाके का कनेक्शन
बता दें कि यह धमाका उस समय हुआ जब पुलिस ने एक कश्मीरी डॉक्टर के घर से करीब 2,900 किलो अमोनियम नाइट्रेट, हथियार और गोलियां बरामद कीं गईं. यह सारा सामान संदिग्ध था और बम बनाने में इस्तेमाल हो सकता था. पुलिस ने करीब 15 दिन की लगातार जांच और छापेमारी के बाद कई लोगों को गिरफ्तार किया. इनमें कश्मीर के डॉक्टर मुजम्मिल गनी का नाम भी शामिल है.