बिहार चुनाव के झटके के बीच कांग्रेस के लिए तेलंगाना से सुकून भरी खबर आई है. हैदराबाद के हाई-प्रोफाइल जुबली हिल्स विधानसभा क्षेत्र में हुए उपचुनाव में पार्टी ने दमदार जीत हासिल की है. इस जीत ने न सिर्फ कांग्रेस के मनोबल को बढ़ाया, बल्कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की सरकार के कामकाज पर जनता की मुहर भी लगाई है. उपचुनाव में मिले वोटों का अंतर बताता है कि स्थानीय स्तर पर कांग्रेस की पकड़ और मजबूत हुई है.
जुबली हिल्स उपचुनाव के दसवें राउंड तक आए नतीजों में कांग्रेस प्रत्याशी नवीन यादव वी ने 98,988 वोट हासिल किए. उन्होंने 24,729 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की. मतदान के बाद से ही कांग्रेस की बढ़त स्थिर रही, जिसने पूरे राज्य में पार्टी के समर्थकों को उत्साहित कर दिया. नवीन यादव ने जनता के भरोसे के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि यह जीत लोगों की उम्मीदों पर खरा उतरने की जिम्मेदारी भी बढ़ाती है.
VIDEO | Hyderabad: Congress candidate from Jubilee Hills constituency, Naveen Yadav (@PingNaveenYadav), says, “I am thankful to people who believed in me and made me win by such a big majority.”#JubleeHills
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/VjCyTgS9sg— Press Trust of India (@PTI_News) November 14, 2025Also Read
बीआरएस उम्मीदवार मंगंटी सुनीता गोपीनाथ को 74,259 वोट मिले और वे दूसरे स्थान पर रहीं. यह सीट उनके पति और दिवंगत विधायक मंगंटी गोपीनाथ के निधन के बाद खाली हुई थी. हालांकि पार्टी ने Sympathy Vote (सहानुभूति वोट) की उम्मीद की थी, लेकिन मतदाताओं ने इस बार कांग्रेस के पक्ष में स्पष्ट झुकाव दिखाया. बीआरएस के लिए यह नतीजा राज्य की राजनीति में बदलते समीकरणों का संकेत माना जा रहा है.
भाजपा के उम्मीदवार दीपक रेड्डी लंकाला इस मुकाबले में तीसरे स्थान पर रहे. उन्हें केवल 17,061 वोट हासिल हुए. यह प्रदर्शन बताता है कि शहरी सीटों पर भाजपा की पैठ अभी भी सीमित बनी हुई है. एनडीए की राष्ट्रीय स्तर पर बढ़त के बावजूद जुबली हिल्स जैसे क्षेत्रों में भाजपा को संगठन और पहुंच दोनों पर और काम करने की जरूरत है.
तेलंगाना कांग्रेस प्रमुख बी. महेश कुमार गौड़ ने इस जीत को मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की नीतियों और कल्याणकारी कार्यक्रमों पर जनता की मुहर बताया. उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष सेकंदराबाद कैंटोनमेंट उपचुनाव की जीत से लेकर अब तक लोग सरकार के काम से संतुष्ट हैं. गौड़ ने माना कि यह जीत बीआरएस की गिरती पकड़ का भी संकेत है.
उपचुनाव के दौरान 11 नवंबर को कुल 48.49 प्रतिशत मतदान हुआ. क्षेत्र में 4.01 लाख पंजीकृत मतदाताओं में से 1.94 लाख ने अपने वोट डाले. अधिकारियों के अनुसार, शांतिपूर्ण मतदान और तेज मतगणना ने उपचुनाव को सुचारू बनाया. नतीजों ने यह साफ कर दिया कि मतदाताओं ने इस बार स्पष्ट रूप से कांग्रेस को प्राथमिकता दी.