राहुल गांधी के खिलाफ सरकार ने पीछे खींचे कदम! नहीं लाएगी विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव, जानें फिर भी कैसे जा सकती है सदस्यता

बीजेपी ने राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस देने से इनकार कर दिया है, लेकिन उनके भाषण के आपत्तिजनक हिस्सों को रिकॉर्ड से हटाने की मांग पर अड़ी है. संजय जायसवाल ने नोटिस दिया, जबकि निशिकांत दुबे ने substantive motion दायर किया, जिससे सदस्यता खतरे में पड़ सकती है.

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Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: लोकसभा में राहुल गांधी के बजट चर्चा वाले भाषण को लेकर सियासी तनाव चरम पर है. बीजेपी ने स्पष्ट कर दिया है कि उनके खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस नहीं दिया जाएगा, लेकिन भाषण के कुछ हिस्सों को सदन के रिकॉर्ड से हटाने की मांग पर पार्टी अडिग है.

बीजेपी के चीफ व्हिप संजय जायसवाल ने इस संबंध में औपचारिक नोटिस जारी किया है. वहीं कांग्रेस ने इसे दोहरा मापदंड बताया और कहा कि सत्ता पक्ष खुद भी ऐसे बयान देता है. इस बीच बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने अलग प्रस्ताव दायर किया है, जिससे राहुल की सदस्यता पर खतरा मंडरा रहा है. हरदीप सिंह पुरी पर लगे आरोपों का जवाब खुद मंत्री सदन में देंगे.

विशेषाधिकार नोटिस से पीछे हटी बीजेपी

बीजेपी ने राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव देने का फैसला टाल दिया है. पार्टी का कहना है कि उनके भाषण में कुछ हिस्से संसदीय मर्यादा के खिलाफ हैं, इसलिए इन्हें रिकॉर्ड से हटाया जाना चाहिए. बुधवार रात लोकसभा सचिवालय ने कुछ अंश पहले ही हटा दिए थे, लेकिन बीजेपी को यह पर्याप्त नहीं लगा. 

संजय जायसवाल का नोटिस और पुरी का जवाब

बीजेपी के चीफ व्हिप संजय जायसवाल ने राहुल के भाषण के आपत्तिजनक हिस्सों को हटाने के लिए नोटिस दिया है. राहुल ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर जो आरोप लगाए थे, उनका जवाब पुरी खुद सदन में देंगे. संसदीय परंपरा के अनुसार मंत्री पर लगे आरोपों का स्पष्टीकरण वही देते हैं. 

निशिकांत दुबे का substantive motion

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने राहुल गांधी के खिलाफ अलग से substantive motion दायर किया है. यह सामान्य नोटिस से अलग और गंभीर कदम है. अगर लोकसभा अध्यक्ष इसे स्वीकार करते हैं तो सदन में इस पर विस्तृत चर्चा और मतदान होगा. प्रस्ताव पास होने पर राहुल की सदस्यता प्रभावित हो सकती है. 

कांग्रेस ने लगाया दोहरे मापदंड का आरोप

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने बीजेपी पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि राहुल के कुछ शब्द हटा दिए गए, लेकिन वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के समान बयानों को नहीं छुआ गया. कांग्रेस नेता ने चेतावनी दी कि जनता ने राहुल को भारी बहुमत से चुना है और नोटिस से कोई फर्क नहीं पड़ेगा.