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Ayodhya Ke Ram: राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा का सात दिवसीय अनुष्ठान आज से शुरू, जानिए किस दिन क्या होगा?

33 साल पहले भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने भगवान राम को समर्पित मंदिर बनाने के लिए गुजरात के सोमनाथ से रथयात्रा शुरू की थी.

Naresh Chaudhary

Ayodhya Ke Ram: उत्तर प्रदेश में सरयू के तट पर स्थित अयोध्या नगरी आज यानी मंगलवार से शुरू होने वाले राम मंदिर 'प्राण प्रतिष्ठा' समारोह के सात दिवसीय अनुष्ठान का गवाह बनने के लिए तैयार है. अनुष्ठान का समापन 22 जनवरी को भव्य समारोह के साथ होगा, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे. इस दौरान हजारों की संख्या में वीवीआईपी मेहमान भी शामिल होंगे.

राम मंदिर का निर्माण तब शुरू हुआ था, जब सुप्रीम कोर्ट ने नवंबर 2019 में इस स्थल पर दशकों से चले आ रहे विवाद का निपटारा किया था और इसके बाद राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ था. करीब 33 साल पहले भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने भगवान विष्णु के सातवें अवतार भगवान राम को समर्पित मंदिर बनाने के लिए गुजरात के सोमनाथ से रथयात्रा शुरू की थी. तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष के साथ जाने वालों में नरेंद्र मोदी भी शामिल थे, जो अब प्रधानमंत्री हैं.

1990 में सोमनाथ से अयोध्या तक निकाली थी यात्रा, अब करेंगे राम लला की प्राण प्रतिष्ठा

पुरानी हिंदी साहित्य पत्रिका के अनुसार, जब नरेंद्र मोदी मंदिर में (भगवान राम की मूर्ति) का अभिषेक करेंगे, तो वह हमारे भारत के प्रत्येक नागरिक का प्रतिनिधित्व करेंगे. पीएम मोदी ने कहा था कि मैं प्रार्थना करता हूं कि यह मंदिर सभी भारतीयों को श्री राम के गुणों को अपनाने के लिए प्रेरित करे. 

साल 1990 में जब नरेंद्र मोदी गुजरात भाजपा के महासचिव हुआ करते थे, उन्होंने इस यात्रा के आयोजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. तीस साल बाद 2020 में वह राम मंदिर के 'भूमि पूजन' में शामिल हुए. प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले मोदी ने पिछले शुक्रवार को घोषणा की थी कि वह 11 दिवसीय अनुष्ठान (विशेष अनुष्ठान) कर रहे हैं. 

जानें आज से सात दिनों तक अयोध्या में क्या-क्या होगा? 

16 जनवरी: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर से नियुक्त यजमान प्रायश्चित समारोह का संचालन करेंगे. जैसा कि पहले बताया गया है, 'दशविध' स्नान सरयू नदी के तट पर होगा. प्रायश्चित्त एवं कर्मकुटी पूजन होगा.

17 जनवरी: रामलला की मूर्ति का परिसर प्रवेश होगा.

18 जनवरी: तीर्थ पूजन, जल यात्रा और गंधाधिवास की रस्में होंगी.

19 जनवरी: सुबह औषधिधिवास, केसराधिवास, घृतधिवास की रस्में होंगी. शाम को धान्यधिवास अनुष्ठान होगा.

20 जनवरी: सुबह शर्कराधिवास और फलाधिवास अनुष्ठान होगा. शाम को पुष्पाधिवास होगा.

21 जनवरी: सुबह मध्याधिवास और शाम को शैयाधिवास होगा.

22 जनवरी: राम मंदिर के गर्भगृह में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा की जाएगा.