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Assam Misdeed Case: 'बेटी सदमे में है, बात तक नहीं कर रही है', असम रेप कांड पीड़िता के पिता का दर्द

असम के नागांव में गैंगरेप की शिकार 14 साल की लड़की के पिता ने पीड़िता की स्थिति और आरोपियों को उचित सजा दिए जाने की आवश्यकता पर बात की है. असम के नागांव में बलात्कार की शिकार हुई नाबालिग के पिता ने कहा कि घटना के बाद जब वह अपनी बेटी से मिले तो वह मुश्किल से बोल पा रही थी.

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असम के नागांव में 22 अगस्त को गैंगरेप की शिकार हुई 14 साल की लड़की के पिता ने कहा है कि घटना के बाद जब वे अपनी बेटी से मिले तो वो मुश्किल से बोल पा रही थी. नाबालिग को फिलहाल नागांव मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसे गुरुवार शाम को स्थानीय लोगों की ओर से उसके गांव की ओर जाने वाली मुख्य सड़क के पास बेहोश पाए जाने के बाद ले जाया गया था. उस इलाके में कोई रोशनी नहीं थी और चारों ओर केवल धान के खेत थे.

नाबालिग अपने दादा-दादी और मौसी के साथ रहती थी. उसके पिता गुवाहाटी में काम करते थे और उसकी मां का निधन हो चुका था. उसकी दादी ने बताया कि शुक्रवार को जब लड़की करीब 6 किलोमीटर दूर दूसरे गांव में ट्यूशन क्लास से वापस नहीं लौटी तो उन्हें चिंता हुई.

उसके चचेरे भाई ने बताया कि वह गांव की एकमात्र लड़की थी जो पढ़ने के लिए दूसरे स्कूल में जाती थी. नाबालिग के पास मोबाइल फोन नहीं था और जब वह शाम 6 बजे तक घर नहीं लौटी, तो उसकी दादी को एक दोस्त से पता चला कि वह बहुत पहले ही ट्यूशन से निकल चुकी थी. 

पीड़िता के पिता बोले- हमारे गांव में हर कोई सदमे में है

पीड़िता के पिता घटना की जानकारी मिलते ही उसी रात गुवाहाटी से लौटे और उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि जब मैं उससे मिला तो वह बात भी नहीं कर पा रही थी... हमारे गांव में हर कोई सदमे में है. 14साल की नाबालिग के साथ बलात्कार के तीन आरोपियों में से एक, 24 साल के तफजुल इस्लाम को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि अन्य दो आरोपी फरार हैं.

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के बाद इस्लाम को शनिवार को सुबह करीब 3 बजे क्राइम स्पॉट पर ले जाया गया, जहां भागने की कोशिश में वो हथकड़ी के साथ ही तालाब में कूद गया, जिससे उसकी मौत हो गई.

पीड़िता के पिता की गुहार, जल्द दोनों अन्य आरोपियों को पकड़े पुलिस

नाबालिग लड़की के पिता ने कहा कि हम चाहते हैं कि अन्य दो आरोपियों को पकड़ा जाए और उन्हें सजा दी जाए, नहीं तो लोग इस डर में जीते रहेंगे कि उनकी लड़कियों के साथ भी ऐसा कुछ हो सकता है. पुलिस का दावा है कि चूंकि विरोध प्रदर्शन के कारण गांव में भीड़ थी, इसलिए शनिवार की रात आरोपी को क्राइम स्पॉट पर ले जाने के लिए सही समय था, ताकि ये देखा जा सके कि क्या वह मामले में शामिल अन्य लोगों को पहचानता है.

नागांव के एसपी स्वप्ननील डेका ने बताया कि हमने इलाके की घेराबंदी की और राज्य आपदा राहत बल को बुलाया, जिसने शव बरामद किया. एक कांस्टेबल जो हथकड़ी पकड़े हुए था, उसके हाथ में चोट लग गई. पीड़ित के गांव और पड़ोसी गांव, जहां इस्लाम का परिवार रहता है, के बीच तनाव के डर के बीच, ग्रामीण उसके परिवार का सामाजिक बहिष्कार करने का प्रस्ताव दे रहे हैं.

समुदायों के बीच किसी भी संघर्ष को रोकने के लिए शनिवार से ही आरोपी इस्लाम के गांव में 65 पुलिस, 25 सीआरपीएफ जवान और 50 पुलिस कमांडो तैनात किए गए हैं. शुक्रवार को मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि मैं हमेशा कहता हूं कि निचले असम, मध्य असम और बराक जैसी जगहों पर हमारे स्वदेशी लोग डर में रहते हैं… वे सभी जगह जहां स्वदेशी लोग अल्पसंख्यक हैं, उन इलाकों में हमारे लोग हमेशा परेशानियों में रहते हैं.