बेहोश होने तक रोती रही मां, 9 साल के मासूम बेटे ने किया पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए पिता का अंतिम संस्कार
गुरुवार सुबह बालासोर जिले के इशानी गांव के श्मशान घाट का दृश्य दिल दहला देने वाला था. गांव के श्मशान घाट में मानो पूरा ओडिशा उमड़ पड़ा था. प्रशांत को उनके 9 साल के बेटे तनुज कुमार सत्पथी ने मुखाग्नि दी क्योंकि उनकी पत्नी बेहोश हो गई थीं.
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में अपनी जान गंवाने वाले 28 लोगों में ओडिशा से बालासोर जिले के प्रशांत भी थे. गुरुवार सुबह बालासोर जिले के इशानी गांव के श्मशान घाट का दृश्य दिल दहला देने वाला था. गांव के श्मशान घाटे में मानो पूरा ओडिशा उमड़ पड़ा था.
प्रशांत को उनके 9 साल के बेटे तनुज कुमार सत्पथी ने मुखाग्नि दी क्योंकि उनकी पत्नी बेहोश हो गई थीं. पत्नी दर्शिनी पति के शव को ना ले जाने की जिद कर बैठी और तब तक रोती रही जब तक वह बेहोश नहीं हो गई.
दर्शिनी के बेहोश होने के बाद गांव वालों ने प्रशांत की अर्थी उठाई और श्मशान घाट की ओर चल दिए. सबसे आगे प्रशांत का 9 साल का मासूम चल रहा था जो अपने पिता से आखिरी विदाई लेने जा रहा था. मात्र 9 साल की उम्र में तनुज का अपने पिता के साथ छूट गया.
सीएम माझी भी पहुंचे
प्रशांत के अंतिम संस्कार में ओडिशा से सीएम मोहन चरण माझी, परिवहन मंत्री बिभूति भूषण जेना और बालासोर के सांसद प्रताप चंद्र सारंगी भी शामिल हुए.
पत्नी को नौकरी और 20 लाख की मदद
इस मौके पर सीएम माझी ने कहा, 'मैं इस घटना की कड़ी निंदा करता हूं और राज्य सरकार संकट की इस घड़ी में प्रशांत सत्पथी के परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है. राज्य सरकार 20 लाख रुपए की वित्तीय सहायता और उनकी पत्नी को नौकरी और बेटे की शिक्षा का पूरा खर्च उठाएगी.'