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बाप-बेटे को जलाया था जिंदा… कुछ ऐसा था 1984 दंगों का खौफनाक मंजर

Sajjan Kumar 1984 Riots Case: कांग्रेस के पूर्व नेता सज्जन कुमार ने सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामले में आज कोर्ट द्वारा सजा सुनाई जाएगी. इससे पहले आपको बता देते हैं कि 184 दंगों में क्या हुआ था और सज्जन कुमार पर कितने केस चल रहे हैं.

Shilpa Srivastava

Sajjan Kumar 1984 Riots Case: कांग्रेस के पूर्व नेता और सांसद सज्जन कुमार को 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े एक मामले में आज सजा सुनाई जाएगी. सज्जन कुमार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट पहले ही दोषी करार दे चुकी है. बता दें कि यह मामला दिल्ली के सरस्वती विहार इलाके का है. 31 अक्टूबर 1984 को प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या कर दी गई थी जिसके बाद सिख विरोधी दंगे भड़क गए थे. इन दंगों में सज्जन कुमार पर आरोप है कि उन्होंने भीड़ को उकसाया, जिसके बाद दंगाइयों ने जसवंत सिंह और तरुणदीप सिंह को जिंदा जला दिया. 

इस हमले के दौरान सिख परिवार के घर पहले लूटपाट की गई थी और वहां जितने भी लोग मौजूद थे उन पर हमला किया गया था. बता दें कि शिकायतकर्ता की शिकायत पर सबसे पहले यह मामला दिल्ली के पंजाबी बाग पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था लेकिन बाद में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने इसकी जांच अपनी हाथ में ले ली थी. 

सज्जन कुमार पर सिख दंगों से जुड़े चल रहे तीन केस: 

  • एक केस में उन्हें पहले ही बरी किया जा चुका है.

  • दूसरे केस में 2018 में हाई कोर्ट ने उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई थी.

  • तीसरे केस में 12 फरवरी 2025 को उन्हें दोषी ठहराया गया, जिसमें आज सजा का ऐलान होगा.

सिख दंगों से जुड़े अन्य मामले: 

1984 में हुए सिख विरोधी दंगों में कई लोगों को मारा गया था. इसके लिए कई राजनीतिक नेताओं और पुलिस अधिकारियों पर भी आरोप लगे. 2005 में सीबीआई ने एक आयोग की सिफारिश के बाद कई आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किए और चार्जशीट दाखिल की, लेकिन ज्यादातर दोषियों को सजा नहीं मिल पाई. नानावटी आयोग के अनुसार, 1984 के दंगों के 587 केस दर्ज किए गए थे, जिसमें 2,733 लोग मारे गए थे. लेकिन पुलिस ने 240 मामलों को बंद कर दिया, जबकि 250 मामलों में आरोपी बरी हो गए.

दंगे भड़काने के 144 केस दर्ज हुए: 

2018 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित SIT ने 199 मामलों की दोबारा जांच की. जिसमें पाया गया कि 54 केस 426 हत्याओं से जुड़े थे. 31 केस 80 लोगों के गंभीर रूप से घायल होने से संबंधित थे. बाकी 114 केस दंगा भड़काने, आगजनी और लूटपाट से जुड़े थे.