Sonakshi Sinha: दिल्ली-एनसीआर की सड़कों से सभी आवारा कुत्तों को आठ हफ्तों में हटाकर आश्रय स्थलों में भेजने के सुप्रीम कोर्ट के हालिया निर्देश ने सोशल मीडिया पर गहरी बहस छेड़ दी है. इस आदेश के बाद न केवल आम नागरिक, बल्कि कई बॉलीवुड हस्तियां भी इसके विरोध में खुलकर सामने आई हैं.
मंगलवार को बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनाक्षी सिन्हा ने इंस्टाग्राम स्टोरीज़ के जरिए सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर नाराजगी जताई. उन्होंने लिखा, 'दिन-ब-दिन हम यह उजागर करते हैं कि एक समाज के रूप में हम कितने आत्महीन हो गए हैं. हर दिन एक निराशा है.' सोनाक्षी ने एक लंबा नोट शेयर करते हुए कहा, 'आवारा कुत्ते कोई समस्या नहीं हैं, बल्कि वे खुद पीड़ित हैं — भय, भूख, बीमारी, उपेक्षा, क्रूरता और परित्याग के शिकार. वे बिना आश्रय, बिना टीकाकरण और बिना नसबंदी के जीने को मजबूर हैं. सड़क पर जन्म लेने और अपने पिल्लों को भी यही दर्द सहते देखने के लिए छोड़ दिए जाते हैं.'
अपने पोस्ट में सोनाक्षी ने आगे लिखा, 'कई आवारा कुत्ते तेज रफ्तार गाड़ियों के नीचे आकर या क्रूरता का शिकार होकर अपनी जान गंवा देते हैं. वे सिर्फ़ करुणा और नुकसान न पहुंचाने का हक मांगते हैं. लेकिन लोग उन्हें बेचते हैं, फेंकते हैं और अब उन्हें उनके जाने-पहचाने ठिकानों से भी बेदखल कर भीड़भाड़ वाले आश्रयों में भेजने की योजना बना रहे हैं, जहां उनकी आजादी और पहचान दोनों खत्म हो जाएंगी. यह पशु कल्याण नहीं है. असली और मानवीय समाधान गली के कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण है.'
सोनाक्षी सिन्हा के अलावा जान्हवी कपूर, वरुण धवन, वीर दास और चिन्मयी श्रीपदा ने भी इस आदेश की आलोचना की है. सभी ने एक स्वर में कहा कि कुत्तों को बेदखल करना न केवल अमानवीय है, बल्कि समस्या का स्थायी समाधान भी नहीं है.
कुत्तों के प्रति अपने प्रेम के लिए मशहूर एक्टर जॉन अब्राहम ने भारत के मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति बी. आर. गवई को औपचारिक अपील भेजी है. उन्होंने इस आदेश को 'अवैध, अव्यावहारिक और अमानवीय' बताते हुए इसकी समीक्षा की मांग की है. जॉन का कहना है कि सामुदायिक कुत्तों को उनके प्राकृतिक आवास से हटाना पशु अधिकारों का गंभीर उल्लंघन है.