मुंबई: बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन राजपाल यादव पिछले कुछ समय कानूनी विवाद में घिर हुए हैं. 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में उनकी जमानत पर सुनवाई चल रही है. अदालत ने सुनवाई के दौरान सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि उन्हें 25 से ज्यादा मौके दिए गए, लेकिन आदेश की अवहेलना की गई. दिल्ली हाईकोर्ट ने पूछा कि जब उन्होंने खुद कर्ज लेने की बात स्वीकार की और भुगतान का आश्वासन दिया था, तो अब सजा पर रोक क्यों चाहते हैं. कोर्ट ने कहा कि सजा सुनाए जाने के बाद उसे टालने की कोशिश क्यों की जा रही है.
राजपाल के वकील ने दलील दी कि उन्होंने हमेशा सेटलमेंट की कोशिश की है और 3 करोड़ से ज्यादा की रकम पहले ही चुका दी गई है. उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता को करीब 2.10 करोड़ रुपये और जमा करने हैं और वे सिक्योरिटी के तौर पर राशि जमा करने को तैयार हैं. कोर्ट ने टिप्पणी की कि 25 से 30 मौके दिए गए.
यह पूरा विवाद 2012 में रिलीज हुई फिल्म अता पता लापता से जुड़ा है. फिल्म का निर्देशन खुद राजपाल यादव ने किया था और उनकी पत्नी इसकी प्रोड्यूसर थीं. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर असफल रही. बताया जाता है कि 2010 में फिल्म के निर्माण के लिए दिल्ली के एक कारोबारी से 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया गया था. समय पर भुगतान न होने और ब्याज जुड़ने के कारण यह राशि बढ़कर करीब 9 करोड़ रुपये हो गई. 2018 में मामला कानूनी रूप से आगे बढ़ा और राजपाल व उनकी पत्नी के खिलाफ केस दर्ज हुआ. वह पहले भी इस मामले में दो बार जेल जा चुके हैं.
मुश्किल दौर में कई फिल्मी हस्तियों ने उनका साथ दिया है. सलमान खान, अजय देवगन, वरुण धवन, सोनू सूद और अन्य नामों के सहयोग की खबरें सामने आई हैं. फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एंप्लाइज ने भी मदद की अपील की है. राजपाल ने तिहाड़ जेल में सरेंडर से पहले भावुक बयान दिया था कि उनके पास रकम जुटाने के साधन सीमित हैं. इस बयान के बाद फैंस और इंडस्ट्री के लोगों ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया.