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बिहार से बॉलीवुड तक पहुंचने में लग गए कई साल, 3 बार NSD में हुए रिजेक्ट फिर भी नहीं छोड़ी हीरो बनने की जिद्द

बिहार के एक छोटे से गांव में जन्म लेने वाले मनोज बाजपेयी आज अपना 57वां जन्मदिन मना रहे हैं. बॉलीवुड तक पहुंचने का उनका यह सफर किसी फिल्म की पटकथा से कम नहीं है. तो चलिए जानते हैं कि इस पूरे किस्से के बारे में.

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Edited By: Shanu Sharma
बिहार से बॉलीवुड तक पहुंचने में लग गए कई साल, 3 बार NSD में हुए रिजेक्ट फिर भी नहीं छोड़ी हीरो बनने की जिद्द
Courtesy: Pinterest

मनोज बाजपेयी हिंदी सिनेमा के उन चुनिंदा अभिनेताओं में से एक, जिन्होंने अपनी ताकतवर एक्टिंग क्षमता से न सिर्फ दर्शकों का दिल जीता, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री की परिभाषा को भी बदल दिया.

अपना 57वां जन्मदिन मना रहे बाजपेयी को इस सफलता की चमक के पीछे एक लंबा, कठिन और प्रेरणादायक संघर्ष करना पड़ा. उनका यह सफर किसी फिल्म की पटकथा से कम नहीं है. तो चलिए जानते हैं कि कैसे उन्होंने बिहार से बॉलीवुड तक का सफर पूरा किया. 

कैसा रहा मनोज वाजपेयी का जीवन?

बिहार के छोटे से गांव बेलवा में 23 अप्रैल 1969 को एक साधारण किसान परिवार में मनोज बाजपेयी का जन्म हुआ. घर की आर्थिक स्थिति सामान्य थी, लेकिन उनके मन में सिनेमा की दुनिया में छाने का जुनून बचपन से ही था. गांव की संकरी गलियों से निकलकर उन्होंने दिल्ली का रुख किया, जहां एक्टिंग की बारीकियां सीखने का सपना उन्हें खींच लाया.  

दिल्ली पहुंचकर उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा यानी एनएसडी में दाखिले की कोशिश की, लेकिन किस्मत ने उन्हें तीन बार ठुकरा दिया. यह उनके जीवन का सबसे मुश्किल दौर था. ज्यादातर लोग यहां हार मान लेते, लेकिन मनोज ने हिम्मत नहीं हारी. उन्होंने पूरे समर्पण से दिल्ली के थिएटर जगत में खुद को झोंक दिया.

धीरे-धीरे बॉलीवुड की जगमगाती दुनिया में छोटे-मोटे रोल मिलना शुरू हुए. शुरूआत में उन्हें शेखर कपूर की फिल्म बैंडिट क्वीन में एक छोटा रोल मिला. उनका किरदार इतना छोटा और लुक इतना बदलाव भरा था कि दर्शक आसानी से उन्हें पहचान नहीं पाते थे. लेकिन यही फिल्म उनके करियर की नींव साबित हुई.

इन पुरस्कारों से हो चुके सम्मानित

दौड़ फिल्म की कास्टिंग के दौरान मनोज की मुलाकात मशहूर निर्देशक राम गोपाल वर्मा से हुई. राम गोपाल वर्मा मनोज के टैलेंट के कायल हो गए. दौड़ के बाद सत्या, शूल, पिंजर, गैंग्स ऑफ वासेपुर और अलीगढ़ जैसी फिल्मों से उन्होंने लोगों के बीच अपनी पहचान बना ली. उन्हें तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों और पद्म श्री सम्मान से नवाजा जा चुका है. आज के डिजिटल दौर में भी मनोज बाजपेयी का जादू कम नहीं हुआ. वेब सीरीज द फैमिली मैन में उनके एक्टिंग ने ओटीटी प्लेटफॉर्म पर भी उनकी बादशाहत को दोहराया.