क्यों पति की पुण्यतिथि नहीं मनाती 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' की एक्ट्रेस? वजह सुनकर भर आएंगी आंखें

एक्ट्रेस मंदिरा बेदी ने अपने पति राज कौशल के निधन के बाद जिंदगी को नए तरीके से जीना सीखा है. वह उनकी पुण्यतिथि नहीं मनातीं बल्कि जन्मदिन को खास बनाती हैं. इसके पीछे की वजह बेहद भावुक कर देने वाली है.

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Babli Rautela

मुंबई: मंदिरा बेदी हिंदी मनोरंजन जगत का एक जाना पहचाना नाम हैं. उनका जन्म 15 अप्रैल 1972 को कोलकाता में हुआ था. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत छोटे पर्दे से की और बहुत जल्दी घर घर में पहचान बना ली. टीवी शो शांति ने उन्हें खास पहचान दिलाई. इस शो में उन्होंने एक मजबूत और अपने हक के लिए लड़ने वाली लड़की का किरदार निभाया था. उस समय दर्शकों पर उनका इतना असर था कि लोग उन्हें उनके असली नाम से ज्यादा शांति के नाम से जानने लगे. इसके बाद मंदिरा ने 'औरत' और 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' जैसे पॉपुलर टीवी शोज में भी काम किया और अपने अभिनय का दायरा बढ़ाया.

टीवी के अलावा मंदिरा बेदी ने फिल्मों में भी काम किया. दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे में उनका किरदार छोटा जरूर था लेकिन काफी यादगार रहा. उन्होंने इस फिल्म में एकतरफा प्यार करने वाली लड़की का किरदार निभाय जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया.

टीवी के अलावा इन चीजों में आजमाया हाथ

टीवी के अलावा मंदिरा बेदी ने एक अलग पहचान तब बनाई जब उन्होंने आईपीएल सीजन तीन में एंकरिंग की. साड़ी पहनकर क्रिकेट शो होस्ट करना उस समय नया और अनोखा था. उनकी स्टाइल और आत्मविश्वास ने उन्हें और ज्यादा लोकप्रिय बना दिया. सोशल मीडिया पर भी मंदिरा की मजबूत पकड़ है. लाखों लोग उन्हें फॉलो करते हैं और उनकी फिटनेस आज भी लोगों के लिए प्रेरणा है.

मंदिरा बेदी की निजी जिंदगी में सबसे बड़ा झटका तब लगा जब उनके पति राज कौशल का 2021 में हार्ट अटैक से निधन हो गया. यह समय उनके लिए बेहद कठिन था. एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि पति के जाने के बाद पहला साल उनके लिए सबसे ज्यादा मुश्किल रहा. हर त्योहार, हर खुशी अधूरी लगती थी. वह अक्सर अकेले में बैठकर रोती थीं और उन यादों से बाहर निकलना उनके लिए आसान नहीं था.

क्यों नहीं मनातीं पुण्यतिथि?

मंदिरा बेदी ने एक बेहद भावुक फैसला लिया. उन्होंने कहा कि वह अब अपने पति की पुण्यतिथि नहीं मनातीं. उनका मानना है कि उस दिन को याद करना उनके लिए बहुत दर्दनाक होता है. वह उस दिन को नहीं मनाना चाहतीं जो उन्हें सिर्फ दुख देता है. इसके बजाय वह राज कौशल के जन्मदिन को खास तरीके से सेलिब्रेट करती हैं. उनके शब्दों में, जिंदगी में खुशियों को याद रखना ज्यादा जरूरी है. इसलिए उन्होंने दुख भरे दिन को छोड़कर अच्छे पलों को संजोने का रास्ता चुना.