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India Daily

काम ढुंढ रहे हैं ‘महाभारत’ के ‘शिखंडी’! 77 की उम्र में कैमरे पर छलका दर्द; खुद को एक्टर मानने से क्यों किया इनकार

जब एक्टिंग से ज्यादा फॉलोअर्स मायने रखने लगें, तब सवाल उठना लाजमी है. महाभारत के शिखंडी बने इस एक्टर ने एक वीडियो के जरिए इंडस्ट्री की सच्चाई सबके सामने रख दी.

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Edited By: Babli Rautela
काम ढुंढ रहे हैं ‘महाभारत’ के ‘शिखंडी’! 77 की उम्र में कैमरे पर छलका दर्द; खुद को एक्टर मानने से क्यों किया इनकार
Courtesy: Social Media

क्या आज के दौर में एक्टर बनने के लिए सिर्फ टैलेंट काफी नहीं है. क्या अब पहचान का पैमाना बदल चुका है. एक वक्त था जब कलाकार अपने काम से पहचाने जाते थे, लेकिन अब सोशल मीडिया फॉलोअर्स ही स्टारडम तय कर रहे हैं. यही सवाल उठाया है उस एक्टर ने जिसे कभी घर घर में लोग पहचानते थे. लेकिन आज वही खुद को एक्टर मानने से इनकार कर रहा है.

महाभारत में शिखंडी का किरदार निभाने वाले कंवरजीत पेंटल एक बार फिर चर्चा में हैं. लेकिन इस बार वजह कोई नया शो या फिल्म नहीं, बल्कि एक ऐसा वीडियो है जिसने इंडस्ट्री की बदलती सच्चाई को उजागर कर दिया है. पेंटल ने अपने सोशल मीडिया पर एक सार्कास्टिक रील शेयर की जिसमें उन्होंने खुद को एक्टर मानने से इनकार कर दिया. वजह जानकर आप भी चौंक जाएंगे.

वायरल रील में दिखी कड़वी सच्चाई

इस वीडियो में मनमीत सिंह उनसे पूछते हैं कि क्या आप एक्टर हैं. इस पर पेंटल जवाब देते हैं कि नहीं. जब उनसे पूछा जाता है कि ऐसा क्यों, जबकि लोग उन्हें पहचानते हैं, तो उनका जवाब और भी चौंकाने वाला होता है. वह कहते हैं कि उनके इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स नहीं हैं, इसलिए वह खुद को एक्टर नहीं मानते. यह जवाब मजाक में जरूर दिया गया, लेकिन इसके पीछे की सच्चाई काफी गहरी है.

वीडियो में आगे बातचीत होती है कि क्या जिनके पास फॉलोअर्स नहीं हैं, उन्हें एक्टर नहीं माना जाता. पेंटल साफ कहते हैं कि नहीं. वहीं मजाकिया अंदाज में यह भी कहा जाता है कि एक्टिंग सीखने से ज्यादा जरूरी फॉलोअर्स बढ़ाना है. इस पर पेंटल का तंज साफ सुनाई देता है जब वह कहते हैं कि फॉलोअर्स बहुत हैं, लेकिन प्यार नहीं. यह लाइन सीधे दिल पर असर करती है और इंडस्ट्री के नए ट्रेंड को उजागर करती है.

बॉलीवुड का बदलते दौर पर क्या बोले एक्टर

आज के समय में कास्टिंग का तरीका बदल चुका है. अब सिर्फ एक्टिंग ही नहीं, बल्कि कलाकार की सोशल मीडिया पर मौजूदगी भी देखी जाती है. कई बार प्रोड्यूसर्स यह देखते हैं कि कलाकार के कितने फॉलोअर्स हैं और उसकी ऑनलाइन रीच कितनी है. यानी अब टैलेंट के साथ साथ डिजिटल पॉपुलैरिटी भी उतनी ही जरूरी हो गई है. यह बदलाव नए कलाकारों के लिए मौका लेकर आया है, लेकिन अनुभवी कलाकारों के लिए चुनौती भी बन गया है.

जो कलाकार सालों से इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं, उनके लिए यह ट्रेंड थोड़ा मुश्किल साबित हो रहा है. कई बार उन्हें सिर्फ इसलिए काम नहीं मिल पाता क्योंकि उनकी सोशल मीडिया फॉलोइंग कम होती है. जबकि पहले सिर्फ मेहनत और एक्टिंग के दम पर मौके मिलते थे. अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या असली टैलेंट कहीं पीछे छूटता जा रहा है.