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Stock Market Today: सात दिन बाद शेयर बाजार की चमक फिर से हुई गायब, सेसेंक्स 728 अंक गिरा, निफ्टी भी धड़ाम

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के तहत संभावित अमेरिकी टैरिफ को लेकर निवेशक सतर्क बने हुए हैं. जबकि रिपोर्ट बताती है कि सभी प्रस्तावित टैरिफ 2 अप्रैल की समयसीमा तक लागू नहीं होंगे, लेकिन स्पष्टता की कमी के कारण वैश्विक बाजार में अस्थिरता आई है.

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Mayank Tiwari

Stock Market Today: भारतीय शेयर मार्केट ने बुधवार (26 मार्च) को 7 दिनों की अपनी बढ़त का सिलसिला तोड़ दिया, निवेशकों द्वारा सभी क्षेत्रों में मुनाफावसूली करने के कारण लाल निशान में बंद हुआ. बाजार में मुनाफा बुकिंग के कारण निवेशकों ने कई क्षेत्रों में बिकवाली की, जिससे प्रमुख सूचकांकों में गिरावट आई. बीएसई सेंसेक्स 728.69 अंक या 0.93% गिरकर 77,288.50 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 181 अंक या 0.77% गिरकर 23,486.85 पर बंद हुआ.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इससे पहले बीएसई सेंसेक्स ने 78,167.87 और 77,194.22 के बीच कारोबार किया, लेकिन अंत में यह 77,200 के नीचे आकर बंद हुआ. निफ्टी50 ने दिन के दौरान 23,736.50 का उच्चतम और 23,451.70 का न्यूनतम स्तर छुआ. इसके अलावा, निफ्टी मिडकैप100 इंडेक्स 0.62% गिरा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप100 इंडेक्स में 1.07% की गिरावट आई.

क्यों गिरे हैं शेयर बाजार के सूचकांक?

अमेरिका के टैरिफ पर अनिश्चितता

निवेशक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन के तहत संभावित टैरिफ को लेकर सतर्क बने हुए हैं. रिपोर्टों के अनुसार, हालांकि सभी प्रस्तावित टैरिफ 2 अप्रैल की समय सीमा तक लागू नहीं होंगे, फिर भी इस पर स्पष्टता की कमी ने वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव पैदा कर दिया है. यदि व्यापारिक तनाव बढ़ते हैं, तो भारतीय निर्यात, खासकर आईटी और फार्मास्यूटिकल सेक्टर को नुकसान हो सकता है.

 रैली के बाद मुनाफा बुकिंग

निफ्टी और सेंसेक्स ने पिछले सात सत्रों में करीब 5.7% की बढ़त हासिल की थी, जिससे दोनों सूचकांक साल 2021 के लिए सकारात्मक हो गए थे. अब निवेशक मुनाफा बुकिंग कर रहे हैं, जिसके कारण बाजार में गिरावट आई है.

कच्चे तेल की कीमतों में हुई बढ़ोत्तरी

बुधवार को कच्चे तेल की कीमतें तीन हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं, क्योंकि अमेरिका ने वेनेजुएला और ईरान के तेल निर्यात पर कड़ी पाबंदियां लगाई हैं. अमेरिका के कच्चे तेल के भंडार में अपेक्षा से ज्यादा गिरावट के कारण तेल की कीमतों में और वृद्धि हुई, जिससे महंगाई का खतरा बढ़ा है.

इंडेक्स हैवीवेट्स में कमजोरी

बैंकिंग, वित्त और आईटी स्टॉक्स में कमजोरी के कारण बाजार पर दबाव रहा. एचडीएफसी बैंक, इंफोसिस, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, रिलायंस इंडस्ट्रीज, बजाज फाइनेंस और आईसीआईसीआई बैंक ने मिलकर सेंसेक्स को 440 अंक नीचे धकेल दिया. वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के कारण आईटी स्टॉक्स पर दबाव बना रहा.

कैसे हैं वैश्विक संकेत!

मंगलवार को वॉल स्ट्रीट में एप्पल की बढ़त और एनविडिया में गिरावट के चलते अमेरिकी बाजार में सकारात्मक बंद हुआ. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को संकेत दिया था कि जल्द ही ऑटोमोबाइल टैरिफ लागू किए जाएंगे, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि सभी प्रस्तावित टैरिफ 2 अप्रैल तक लागू नहीं होंगे, जिससे वॉल स्ट्रीट पर निगाहें टिकी हुई हैं.

टोक्यो समय के अनुसार, S&P 500 फ्यूचर्स ज्यादातर स्थिर रहे, जबकि अन्य वैश्विक सूचकांक सकारात्मक रूप से बढ़े. हांग कांग फ्यूचर्स 0.6% बढ़े, जापान का टॉपिक्स इंडेक्स 0.4% चढ़ा और ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 इंडेक्स 0.7% ऊपर गया. यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स में भी 0.2% की बढ़त देखने को मिली, जिससे वैश्विक बाजारों में सकारात्मक माहौल बनता है.