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Gold Hits Record Price: दिवाली से पहले सोने की कीमत ने तोड़े सभी रिकॉर्ड, जानें इस धनतेरस गोल्डट खरीदना कितना सही?

सोने की कीमतें बुधवार को 1.22 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं. डॉलर की कमजोरी, अमेरिकी सरकार का शटडाउन और वैश्विक राजनीतिक अस्थिरता इसके प्रमुख कारण रहे. विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतों में और बढ़ोतरी संभव है, लेकिन निवेशकों को जल्दबाजी में खरीदने के बजाय धीरे-धीरे निवेश करना चाहिए.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
Gold Hits Record Price: दिवाली से पहले सोने की कीमत ने तोड़े सभी रिकॉर्ड, जानें इस धनतेरस गोल्डट खरीदना कितना सही?
Courtesy: Pinterest

Gold Record Price: बुधवार को सोने की कीमतों ने एक नया इतिहास रच दिया. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर वायदा सोना 1,22,165 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर तक पहुंच गया. यह पहली बार है जब सोना 1.22 लाख रुपये के पार निकला. चांदी भी इस तेजी से अछूती नहीं रही और 1,47,450 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई.

विशेषज्ञों का मानना है कि इस रिकॉर्ड तेजी के पीछे कई कारण हैं. अमेरिकी सरकार का शटडाउन दूसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है, जिससे आर्थिक आंकड़े जारी नहीं हो पा रहे हैं. इससे निवेशकों की चिंता बढ़ी है और उन्होंने सोने जैसे सुरक्षित विकल्प की ओर रुख किया है. इसके अलावा, डॉलर में कमजोरी, जापान और फ्रांस में राजनीतिक अस्थिरता और वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव ने भी सोने की मांग को बढ़ाया है.

कीमतों में  55 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोत्तरी

इस साल अब तक घरेलू बाजार में सोने की कीमतें 55 प्रतिशत से अधिक बढ़ चुकी हैं. यह पिछले कई वर्षों में सबसे तेज उछाल है. केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीद, गोल्ड ईटीएफ में निवेशकों की रुचि और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा संभावित ब्याज दर कटौती ने सोने को और आकर्षक बना दिया है. उम्मीद जताई जा रही है कि अक्टूबर और दिसंबर में फेड 25-25 बेसिस प्वाइंट की दर कटौती कर सकता है.

सोने की कीमतों में और उछाल संभवावना

विशेषज्ञ मानते हैं कि अभी सोने की कीमतों में और उछाल संभव है, हालांकि बीच-बीच में मुनाफावसूली के कारण गिरावट भी देखने को मिल सकती है. दीर्घकालिक निवेशकों के लिए रणनीति यही होनी चाहिए कि धीरे-धीरे निवेश जारी रखें और ऊंचे स्तर पर जल्दबाजी में खरीदारी न करें. वहीं, जिन्होंने साल की शुरुआत में सोना खरीदा था, वे आंशिक मुनाफावसूली कर सकते हैं.

इस तरीके से निवेश में मिलेगा फायदा

आईसीआरए की रिपोर्ट के अनुसार, रिकॉर्ड दामों ने भारत के गोल्ड लोन बाजार को भी नई रफ्तार दी है. अब संगठित गोल्ड लोन उद्योग मार्च 2026 तक 15 ट्रिलियन रुपये रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है, जो पहले अनुमान से एक साल पहले है. यह मार्च 2027 तक 18 ट्रिलियन रुपये तक भी जा सकता है. बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि सोना हमेशा सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन मौजूदा ऊंचे दामों पर निवेश रणनीति के साथ करना जरूरी है. अल्पकालिक निवेशकों को सतर्क रहना चाहिए, जबकि दीर्घकालिक निवेशक नियमित और अनुशासित तरीके से निवेश कर सकते हैं.