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95 साल के अरबपति वॉरेन बफेट बोले, 'अब शांत होने जा रहा हूं, संपत्ति दान करने की गति बढ़ाऊंगा'

बफेट 2006 से लगातार अपने धन का बड़ा हिस्सा दान कर रहे हैं. उन्होंने बिल गेट्स और मेलिंडा गेट्स के साथ मिलकर ‘Giving Pledge’ पहल शुरू की थी, जिसके तहत अरबपति अपने जीवनकाल या मृत्यु के बाद अपनी संपत्ति दान करते हैं.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
95 साल के अरबपति वॉरेन बफेट बोले, 'अब शांत होने जा रहा हूं, संपत्ति दान करने की गति बढ़ाऊंगा'
Courtesy: pinterest

वॉरेन बफेट, जिन्होंने एक पुरानी टेक्सटाइल कंपनी को 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक मूल्य वाले समूह में बदल दिया, अब अपने जीवन के अंतिम चरण में ‘क्वाइट मोड’ में जाने की बात कह रहे हैं. 95 वर्षीय इस निवेशक ने घोषणा की है कि वे बर्कशायर हैथवे के सीईओ पद से इस्तीफा देंगे और परोपकारी गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करेंगे. उन्होंने कहा कि अब वे सार्वजनिक रूप से कम बोलेंगे, लेकिन अपने जीवनकाल में दान देने की गति और बढ़ाएंगे.

बर्कशायर हैथवे में नेतृत्व परिवर्तन

बफेट ने इस साल शेयरहोल्डर्स मीटिंग के दौरान ही साफ कर दिया था कि वे कंपनी की कमान अपने डिप्टी ग्रेग एबेल को सौंपेंगे. एबेल 63 वर्ष के हैं और अब कंपनी के संचालन व पूंजी निवेश से जुड़े फैसलों के अंतिम अधिकारी होंगे. बफेट फिलहाल चेयरमैन बने रहेंगे, लेकिन उन्होंने कहा कि शेयरहोल्डर्स का विश्वास एबेल पर जल्दी ही उतना ही मजबूत होगा जितना उन पर था.

1.3 अरब डॉलर का दान

बफेट ने चार फैमिली फाउंडेशन को कुल 1.3 अरब डॉलर (करीब 10,800 करोड़ रुपये) दान करने की घोषणा की है. इसके तहत वे बर्कशायर की 1,800 क्लास A शेयरों को 2.7 मिलियन क्लास B शेयरों में बदलकर दान करेंगे. इनमें से 1.5 मिलियन शेयर ‘सुसान थॉम्पसन बफेट फाउंडेशन’ को और 4-4 लाख शेयर अपने तीन बच्चों के फाउंडेशन—शेरवुड, हॉवर्ड जी. बफेट और नोवो—को देंगे.

परोपकार की परंपरा जारी

बफेट 2006 से लगातार अपने धन का बड़ा हिस्सा दान कर रहे हैं. उन्होंने बिल गेट्स और मेलिंडा गेट्स के साथ मिलकर ‘Giving Pledge’ पहल शुरू की थी, जिसके तहत अरबपति अपने जीवनकाल या मृत्यु के बाद अपनी संपत्ति दान करते हैं. अब उन्होंने फैसला किया है कि उनकी मृत्यु के बाद गेट्स फाउंडेशन को कोई दान नहीं मिलेगा, बल्कि उनके तीन बच्चे एक नई चैरिटेबल ट्रस्ट का संचालन करेंगे.

‘धीरे चलता हूं, पर रोज़ ऑफिस जाता हूं’

अपने पत्र में बफेट ने लिखा कि वे भले ही धीरे चलते हैं और पढ़ने में कठिनाई होती है, पर अभी भी हफ्ते में पांच दिन ऑफिस जाते हैं. उन्होंने कहा, “कभी-कभी मुझे कोई अच्छा विचार मिल जाता है या कोई ऐसा ऑफर आता है जो वरना नहीं मिलता.” उन्होंने यह भी बताया कि अब वे चाहते हैं कि उनके बच्चे अपने जीवनकाल में ही उनकी संपत्ति का सदुपयोग कर समाज की सेवा करें.

एबेल पर जताया पूरा भरोसा

बफेट ने कहा कि वे ग्रेग एबेल को अपने बाद सर्वश्रेष्ठ उत्तराधिकारी मानते हैं. उन्होंने लिखा, “मैं किसी सीईओ, कंसल्टेंट या प्रोफेसर से अधिक भरोसा ग्रेग पर करता हूं, जो आपकी और मेरी सेविंग्स को सही दिशा में ले जाएंगे.” यह बयान बर्कशायर के भविष्य को लेकर बफेट के आत्मविश्वास को दर्शाता है.